शाहजहांपुर में उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने बिजली विभाग पर उपभोक्ताओं को अंधेरे में रखकर स्मार्ट मीटर लगाने का आरोप लगाते हुए एक ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों का कहना है कि लगाए गए स्मार्ट मीटर प्रीपेड हैं। उनके अनुसार, पुराने मीटरों की जमा की गई सिक्योरिटी राशि अभी तक खातों में नहीं आई है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि थोड़े से बकाया होने पर भी बिजली काट दी जा रही है। महानगर अध्यक्ष सलाहुद्दीन अख्तर ने ज्ञापन में बताया कि प्रीपेड मीटरों के कारण हजारों व्यापारियों और उपभोक्ताओं की बिजली कट रही है। विभाग के प्रीपेड मीटरों का सर्वर ठीक से काम नहीं कर रहा है। ऐप में पेमेंट जमा करने के बाद भी अपडेट नहीं हो रही है। बिना किसी आधार वर्षों पुरानी रिकवरी भेजी जा रही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुरानी सिक्योरिटी राशि के समायोजन का विवरण उपभोक्ताओं को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। उपभोक्ताओं को बिजली घरों पर लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है, जबकि अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। बिना किसी आधार के वर्षों पुरानी रिकवरी भेजी जा रही है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रीपेड मीटर लगाने के बाद अधिकांश उपभोक्ताओं के फोन नंबर अपडेट नहीं किए गए हैं। बड़ी संख्या में सीलिंग सर्टिफिकेट पोर्टल पर अपडेट नहीं हैं, और कई उपभोक्ताओं के मोबाइल में ऐप डाउनलोड नहीं हो रहा है। व्यापारियों ने इटावा जिले की एक घटना का भी जिक्र किया, जहां एक चाय विक्रेता की स्मार्ट मीटर से 1.25 लाख रुपये का बिल आने के बाद कथित तौर पर हार्ट अटैक से मौत हो गई थी।

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