मेरठ के सकोती गांव में महाराजा सूरजमल की मूर्ति से “जाट” शब्द हटाए जाने का विवाद अब मुजफ्फरनगर तक पहुंच गया है। इस मामले पर जाट महासभा मुजफ्फरनगर ने जिला अध्यक्ष धर्मवीर बालियान के आवास पर एक बैठक आयोजित की। इसमें समाज के कई प्रमुख सदस्य शामिल हुए। बैठक में वक्ताओं ने प्रशासन के इस निर्णय की निंदा की। जाट महासभा के जिला अध्यक्ष धर्मवीर बालियान ने कहा कि महाराजा सूरजमल जाट समाज के गौरव और सम्मान के प्रतीक हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि “जाट” शब्द हटाना समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है और यह अस्वीकार्य है। बालियान ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर मूर्ति पर “जाट” शब्द पुनः स्थापित नहीं किया गया, तो जाट महासभा आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस संबंध में आयोजन समिति जो भी निर्णय लेगी, महासभा उसका पूर्ण समर्थन करेगी। बैठक में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी इस निर्णय का विरोध किया और इसे समाज के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो यह विरोध एक बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।

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