टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के नेतृत्व में 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में टेट अनिवार्यता के विरोध में एक विशाल प्रदर्शन प्रस्तावित है। इस आंदोलन में देशभर से लाखों शिक्षकों के शामिल होने की संभावना है, जिसके लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। जनपद औरैया से लगभग 1000 शिक्षकों के इस प्रदर्शन में शामिल होने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार, प्रत्येक ब्लॉक से एक बस की व्यवस्था की गई है, जबकि कई शिक्षक ट्रेन और निजी वाहनों से भी दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। 3 अप्रैल की रात्रि को जनपद की सभी बसें एक साथ रवाना होंगी। शिक्षक सामूहिक अवकाश लेकर इस आंदोलन में भाग लेंगे। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री अरविंद राजपूत और ब्लॉक अध्यक्ष दीपक दुबे ने बताया कि प्रदर्शन के लिए दिल्ली सरकार से अनुमति मांगी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अनुमति नहीं भी मिलती है, तो भी शिक्षक दिल्ली पहुंचकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासन द्वारा रास्ते में कहीं रोका गया, तो वहीं धरना शुरू कर दिया जाएगा। शिक्षक नेताओं का कहना है कि जो शिक्षक वर्षों से विद्यालयों में कार्यरत हैं, उनसे दोबारा परीक्षा लेना अनुचित है। उनका तर्क है कि भर्ती के समय सभी सरकारी मानकों को पूरा किया गया था, इसलिए अब टेट अनिवार्यता लागू करना न्यायसंगत नहीं है। ब्लॉक मंत्री विक्रम दत्त ने कहा कि किसी भी नए नियम को लागू करने का प्रभाव भविष्य पर होना चाहिए, न कि पूर्व में कार्यरत शिक्षकों पर। टीएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में देशभर के शिक्षक दिल्ली में एकत्र होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करेंगे। शिक्षक नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन टेट अनिवार्यता समाप्त होने तक जारी रहेगा।

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