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ईरान जेल में बंद मर्चेंट नेवी ऑफिसर्स भारत वापस लौटे:4 महीने बाद मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे 8 भारतीय, प्रतापगढ़ के अनिल सिंह, गाजियाबाद के केतन भी शामिल

ईरान सरकार ने प्रतापगढ़ के रहने वाले मर्चेंट नेवी अफसर अनिल सिंह और गाजियाबाद के केतन मेहता समेत 8 भारतीयों को जेल से रिहा कर दिया है। इन सभी को क्रूड ऑयल तस्करी के आरोप में 8 दिसंबर 2025 को ईरानी नेवी ने गिरफ्तार किया था। कुल 16 भारतीयों को अरेस्ट किया गया था, जिनमें से 8 को पहले ही छोड़ दिया गया था। बाकी 8 भारतीयों को करीब चार महीने जेल में रखने के बाद 26 फरवरी को रिहा किया गया। हालांकि, इजरायल-ईरान युद्ध के चलते वे तुरंत भारत नहीं लौट सके। आखिरकार, सोमवार को ये सभी दुबई के रास्ते मुंबई पहुंचे। मुंबई पहुंचने के बाद नेवी अधिकारियों ने सभी को अपनी कस्टडी में रखा है। अनिल सिंह की पत्नी गायत्री देवी ने पति की रिहाई में मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया) का धन्यवाद किया है। अब पूरा मामला सिलसिलेवार तरीके से जानिए…
8 दिसंबर को ईरान की नौसेना ने समुद्र में एक मर्चेंट नेवी शिप को पकड़ा था। शिप में कच्चे तेल के कई ड्रम लदे थे। ईरान की सेना ने डीजल तस्करी के आरोप में शिप पर सवार 16 भारतीयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इनमें प्रतापगढ़ के कुंडा थाना क्षेत्र के रहने वाले अनिल सिंह और गाजियाबाद के रहने वाले केतन मेहता भी शामिल थे। अनिल के बेटे रितुराज ने बताया- शिप पकड़े जाने के 4 दिन तक पापा से कोई संपर्क नहीं हो सका। चार दिन के बाद जब पापा को फोन करने की अनुमति मिली तो उन्होंने हमें फोन करके पूरे मामले की जानकारी दी। 8 जनवरी को उन्होंने दोबारा फोन करके बताया कि हम सभी ईरान की जेल में बंद हैं। 26 फरवरी को मिली रिहाई, लेकिन फंसे रहे रितुराज सिंह ने बताया कि पिता को ईरान की जेल से रिहा कराने के लिए केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय को ऑनलाइन लेटर भेजा था। पीएमओ, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश मंत्रालय को ट्वीट भी किया था। ईरान शासन ने 26 फरवरी को जेल में बंद भारतीयों को रिहा कर दिया। लेकिन 28 फरवरी से युद्ध शुरू होने की वजह से वे वहीं फंसे रहे। हालात थोड़े सुधरने के बाद सभी को वहां से निकाला गया। सोमवार सुबह करीब 5 बजे वे दुबई से मुंबई पहुंचे। पत्नी बोलीं- झूठे आरोप और बिना सबूत के इतने दिनों तक जेल में रखा पत्नी गायत्री सिंह ने कहा- मेरे पति और अन्य भारतीय अधिकारियों को झूठे आरोपों में फंसाया गया था। डीजल तस्करी का झूठा आरोप लगाया गया था। डीजल तस्करी का कोई सबूत ईरान पुलिस को नहीं मिला था, फिर भी सभी को इतने दिनों तक जेल में रखा गया। आखिरकार सभी को रिहाई मिल गई। पीएम मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत जनप्रतिनिधियों के प्रयासों के कारण ही आज मेरे पति और उनके अन्य साथी आजाद हो सके हैं, मैं सरकार की तहे दिल से शुक्रगुजार हूं। दुबई की शिपिंग कंपनी में अफसर हैं अनिल सिंह पत्नी ने बताया- अनिल सिंह कई वर्षों से दुबई की एक शिपिंग कंपनी में अफसर के पद पर कार्यरत हैं। ————————————– ये खबर भी पढ़िए… सीतापुर में रात 3 बजे मस्जिद को ढहाया:5 बुलडोजर 500 पुलिसवाले लेकर पहुंचे ADM, 12 साल पहले बनी थी
यूपी के सीतापुर में मस्जिद को बुलडोजर से ढहा दिया गया। मस्जिद 12 साल पहले बनाई गई थी। एडीएम नीतीश कुमार अफसरों के साथ सोमवार रात 3 बजे मौके पर पहुंचे। बुलडोजर मंगाए गए। इसके बाद मस्जिद को ढहाने की कार्रवाई हुई। सुबह 8 बजे तक मस्जिद को जमींदोज कर दिया। मस्जिद जिला मुख्यालय से 42 किलोमीटर दूर लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के नयागांव बेहटी में बनी थी। अफसरों ने बताया- मस्जिद अवैध तरीके से तालाब की जमीन पर बनाई गई थी। पूरी खबर पढ़ें…

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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