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सरोजनी नगर बना विकास का ‘ग्रोथ इंजन’:2027 के लिए भी फुल एक्शन मोड में विधायक राजेश्वर सिंह

लखनऊ की सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र तेजी से विकास के निए मॉडल के रुप में उभर रही है। यहां के जनप्रतिनिधि राजेश्वर सिंह लगातार सक्रियता और जमीनी जुड़ाव को अपनी प्राथमिकता बताते हैं। उनका कहना है कि उनका कार्यालय 24 घंटे जनता की समस्याओं के समाधान के लिए खुला रहता है। क्षेत्र में विकास के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन और भविष्य की जरूरतों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। क्षेत्र में कितना विकास हुआ? आगामी चुनाव को लेकर क्या तैयारी है ? इन्हीं सवालों के जवाब के लिए दैनिक भास्कर ने विधायक राजेश्वर सिंह से बात की। पढ़िए बातचीत के प्रमुख अंश… सवाल: आप ज्यादातर लोगों के बीच में रहते हैं, क्या आपका लोगों से लगाव है ? जवाब: हम लोग लगातार काम करते हैं, 5 साल निरंतर काम करते हैं। सप्ताह और प्रतिमाह काम करते हैं। हमारा राजनीतिक ऑफिस 24 घंटे चलता है, जहां जनता की समस्याओं का निदान किया जाता है। 5 साल की क्या योजना है, 1 साल की क्या योजना है इन सभी पर लगातार कार्य किया जाता है। जनप्रतिनिधि का ऑफिस 24 घंटे चलना चाहिए और हर प्रकार के कार्य होने चाहिए। सवाल: आपके क्षेत्र में कई बड़े कार्य होने के दावे हैं, इस पर क्या कहेंगे ? जवाब: सरोजनी नगर में हर प्रकार के कार्य होते रहते हैं। बहुत बड़े कार्य हुए हैं और छोटे कार्य भी हुए हैं। बड़े कार्य अगर गिनाना शुरू करूं तो Ashok Leyland की फैक्ट्री रिकॉर्ड टाइम में स्थापित हुई, डेढ़ हजार करोड़ रुपये का निवेश आया और 1000 लोगों को रोजगार मिला। कानपुर-लखनऊ एलिवेटेड रोड 5000 करोड़ का प्रोजेक्ट है, जिसका उद्घाटन जल्द होगा। देश का सबसे बड़ा नेवल वार म्यूजियम यहीं बना है। आनंद नगर योजना और 7000 करोड़ की हाउसिंग योजना जमीन पर उतर चुकी है। ब्रह्मोस मिसाइल के तहत डिफेंस कॉरिडोर भी यहीं विकसित हो रहा है, जहां एक दर्जन से ज्यादा कंपनियां काम कर रही हैं। इसके अलावा लॉजिस्टिक पार्क और 1200 करोड़ का कन्वेंशन सेंटर (10 हजार क्षमता) भी स्वीकृत हुआ है। सरोजनी नगर विधानसभा उत्तर प्रदेश के ग्रोथ इंजन के रूप में आगे बढ़ रही है। सवाल: कई ऐसे इवेंट हो रहे हैं, लोग कह रहे हैं कि सरोजनी नगर की तरह इवेंट करिए आगे क्या प्लान है? जवाब: सरोजनी नगर को नेट जीरो बनाना हमारी दीर्घकालीन सोच है। डेवलपमेंट और एनवायरनमेंट में संतुलन जरूरी है। विकास के लिए जमीन अधिग्रहण और पेड़ों की कटाई होती है, लेकिन पर्यावरण बचाना भी उतना ही जरूरी है। हम सस्टेनेबल और ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ रहे हैं। आज लखनऊ की कुल सोलर एनर्जी का लगभग 50 प्रतिशत सरोजनी नगर में स्थापित है। इसके लिए हमने कैंप, अवेयरनेस अभियान और हेल्प डेस्क शुरू किए। भविष्य की पीढ़ी के लिए यह जरूरी है। इसी उद्देश्य से संजय दत्त को भी बुलाया गया, ताकि जागरूकता बढ़े। गांव, इंडस्ट्री और स्कूल सभी को एनवायरनमेंट फ्रेंडली बनाना होगा। सवाल: NCR के बाद SCR को लेकर आपका विचार था, अब इसका क्या रोल रहेगा? जवाब: एससीआर का प्रस्ताव मैंने 2022 में मुख्यमंत्री को दिया था। नेशनल कैपिटल रीजन की तर्ज पर स्टेट कैपिटल रीजन बनना जरूरी था। सिर्फ लखनऊ का विकास पर्याप्त नहीं है, आसपास के जिले बाराबंकी, रायबरेली, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर का भी विकास जरूरी है। करीब 27 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में एससीआर विकसित हो रहा है। अब ऑर्गेनाइज्ड और सिस्टमैटिक डेवलपमेंट हो रहा है। पहले बिना योजना के टाउनशिप और लॉजिस्टिक पार्क बन रहे थे, जिससे भविष्य में समस्याएं आतीं। अब एससीआर एक्ट के बाद सुनियोजित विकास हो रहा है। सवाल: चुनाव को लेकर विपक्षी दल बड़े वादे कर रहे हैं? जवाब: यह सब झूठे वादे हैं। कांग्रेस ने हिमाचल और कर्नाटक में ऐसे वादे किए, जिससे आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई। जनता अब जागरूक है और ऐसे वादों को समझती है। विपक्ष तुष्टीकरण की राजनीति करता है। पहले प्रदेश में माफिया और दंगों का माहौल था, लेकिन अब पारदर्शिता आई है और नौकरियां मेरिट के आधार पर मिल रही हैं। सवाल: सरकार के 9 साल पूरे होने पर विपक्ष आलोचना कर रहा है, इस पर आपकी प्रतिक्रिया? जवाब: कांग्रेस का आधार खत्म हो चुका है। उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए। समाजवादी पार्टी को भी जातिवाद से ऊपर उठना होगा। आज का युवा जातिवाद नहीं, बल्कि अपने भविष्य और अवसरों की बात करता है। सरकार युवाओं को लोन, इनोवेशन सेंटर और रोजगार के अवसर दे रही है। सवाल: AIMIM प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर आपका क्या कहना है? जवाब: ऐसी राजनीति का कोई सकारात्मक उद्देश्य नहीं होता। राजनीति समाज सेवा का माध्यम है। समाज को बांटने की कोशिश देश के लिए नुकसानदायक है। हमें इतिहास से सीख लेकर एकजुट रहना चाहिए। सवाल: 2027 चुनाव को लेकर आपकी क्या तैयारी है? जवाब: हम लोग पहले दिन से ही चुनावी मोड में रहते हैं। ‘आपका विधायक आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत हर रविवार गांवों में जाकर समस्याएं सुनते हैं और मौके पर समाधान करते हैं। मेडिकल कैंप लगाए जाते हैं और मेधावी बच्चों को सम्मानित किया जाता है। रामरथ योजना के तहत लोगों को अयोध्या की निःशुल्क यात्रा कराई जा रही है। ‘तारा शक्ति रसोई’ में रोजाना 4000 लोगों को भोजन मिलता है। डिजिटल युवा सशक्तिकरण केंद्रों के जरिए बच्चों को AI की ट्रेनिंग दी जा रही है। हमारा लक्ष्य 50 हजार बच्चों को प्रशिक्षित करना है। सवाल: अपने काम और सरकार को कितने नंबर देंगे? जवाब: यह आंकलन करना मेरा काम नहीं है। आने वाले चुनाव में जनता खुद नंबर देगी। सरोजनी नगर की जनता बहुत जागरूक है और उनके साथ हमारा गहरा जुड़ाव है।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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