बांदा में जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को नौ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। इसमें उत्तर प्रदेश सरकार की स्मार्ट मीटर नीतियों और अत्यधिक बिजली बिलों को जनता का शोषण बताया गया है। कांग्रेस ने इन नीतियों को अस्वीकार्य करार दिया है। ज्ञापन में बताया गया कि 13 मार्च 2026 से स्मार्ट मीटरों में बिना किसी पूर्व सूचना के एडवांस धनराशि जमा करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे प्रदेश की जनता परेशान है। कांग्रेस ने इस आदेश को वापस लेने और प्रीपेड मीटरों में एडवांस जमा करने की व्यवस्था पर रोक लगाने की मांग की है। पार्टी ने उन स्मार्ट मीटरों को हटाने की भी मांग की है जिनसे गलत बिल आ रहे हैं। इनकी जगह ऐसे सटीक मीटर लगाए जाएं जिनसे शत-प्रतिशत सही बिल आएं और जनता को राहत मिल सके। कांग्रेस का आरोप है कि बिजली दफ्तरों में अनाप-शनाप बिलों को सुधारने के लिए लोगों को लंबी लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है, लेकिन अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते। कांग्रेस ने एडवांस धनराशि जमा करने की व्यवस्था को तत्काल स्थगित करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सरकार का कर्तव्य जनता को राहत देना है, न कि उन्हें मुश्किल में डालना। ज्ञापन में राज्यपाल से इस मामले को गंभीरता से लेने और प्रीपेड मीटर प्रणाली को समाप्त करने का आग्रह किया गया है। इसके अतिरिक्त, जीनस कंपनी का सर्वर ठीक से काम न करने के कारण बिजली घरों और कार्यालयों से रिकनेक्शन कमांड देने के बावजूद घंटों तक समायोजन नहीं हो पा रहा है। कंपनी के प्रतिनिधि भी जनता के बीच अनुपस्थित रहते हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तो पार्टी सड़क से सदन तक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

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