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ईरान जेल में बंद मर्चेंट नेवी ऑफिसर्स भारत वापस लौटे:4 महीने बाद मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे 8 भारतीय, प्रतापगढ़ के अनिल सिंह, गाजियाबाद के केतन भी शामिल

तेज चोरी के आरोप में पिछले करीब 4 महीने से ईरान की जेल में बंद प्रतापगढ़ के रहने वाले मर्चेंट नेवी ऑफीसर अनिल सिंह और गाजियाबाद के केतन मेहता को रिहाई मिल गई है। दोनों को 8 अन्य भारतीयों के साथ ईरान से भारत के लिए डिपोर्ट कर दिया गया। वे आज सुबह 5 बजे ही वे दुबई के रास्ते मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे। फिलहाल, सभी को नेवी अधिकारियों की कस्टडी में रखा गया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अधिकारियों इस बाद सभी को उनके घर भेज दिया जाएग्रा। अनिल सिंह की सुरक्षित वापसी पर उनकी पत्नी गायत्री सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह का आभार व्यक्त किया है। बता दें कि 16 भारतीयों को 8 दिसंबर को ईरान की समुद्री नेवी फोर्स ने कच्चा तेल तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिनमें से 8 को बाद में छोड़ दिया गया था। अनिल सिंह और केतन मेहता समेत 8 बाकी बचे भारतीय जेल में बंद थे। अनिल सिंह के परिवार ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से मदद की गुहार लगाई थी। भारत सरकार की मदद से 26 फरवरी को सभी को रिहा कर दिया गया था। अब पूरा मामला सिलसिलेवार तरीके से जानिए…
8 दिसंबर को ईरान की समुद्री नेवी फोर्स ने समुद्र में एक मर्चेंट नेवी के एक शिप को पकड़ा था, जिसमें कच्चे तेल के कई ड्रम लदे थे। ईरान की सेना ने डीजल तस्करी के आरोप में शिप पर सवार 16 भारतीयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इनमें प्रतापगढ़ के कुंडा थाना क्षेत्र के रहने वाले अनिल सिंह और गाजियाबाद के रहने वाले केतन मेहता भी शामिल थे। अनिल के बेटे रितुराज ने बताया- शिप पकड़े जाने के 4 दिन तक पापा से कोई संपर्क नहीं हो सका। चार दिन के बाद जब पापा को फोन करने की अनुमति मिली तो उन्होंने हमें फोन करके पूरे मामले की जानकारी दी। 8 जनवरी को उन्होंने दोबारा फोन करके बताया कि हम सभी ईरान की जेल में बंद हैं। 26 फरवरी को मिली रिहाई, लेकिन युद्ध जैसे हालात में फंसे रहे
रितुराज सिंह ने बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय को ऑनलाइन पत्र भेजकर पिता को छुड़ाने की मांग की थी। पीएमओ, विदेश मंत्री एस जयशंकर और विदेश मंत्रालय को ट्वीट किया था। सरकार ने प्रयास शुरू किये, पर ईरान में युद्ध छिड़ जाने के कारण मामला लटका रहा। आखिरकार सरकार के लगातार प्रयास से 26 जनवरी को सभी को रिहा कर दिया गया। कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आज सुबह 5 बजे सभी को दुबई के रास्ते मुंबई लाया गया। जहां मर्चेंट नेवी के ऑफिसर उनसे औपचारिक पूछताछ कर रहे हैं। कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी को उनके घर भेजा जाएगा। पत्नी बोलीं- झूठे आरोप और बिना सबूत के इतने दिनों तक जेल में रखा
पत्नी गायत्री सिंह ने कहा- मेरे पति और अन्य भारतीय अधिकारियों को झूठे आरोपों में फंसाया गया था। डीजल तस्करी का झूठा आरोप लगाया गया था। डीजल तस्करी का कोई सबूत ईरान पुलिस को नहीं मिला था, फिर भी सभी को इतने दिनों तक जेल में रखा गया। आखिरकार सभी को रिहाई मिल गई। पीएम मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत जनप्रतिनिधियों के प्रयासों के कारण ही आज मेरे पति और उनके अन्य साथी आजद हो सके हैं, मैं सरकार की तहे दिल से शुक्रगुजार हूं। दुबई की शिपिंग कंपनी में अफसर हैं अनिल सिंह
परिजनों के अनुसार अनिल सिंह कई वर्षों से दुबई की एक शिपिंग कंपनी में अफसर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी सुरक्षित वापसी की खबर मिलते ही परिवार और गांव में खुशी का माहौल है और सभी उनके घर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। ————————————– ये खबर भी पढ़िए… सीतापुर में रात 3 बजे मस्जिद को ढहाया:5 बुलडोजर 500 पुलिसवाले लेकर पहुंचे ADM, 12 साल पहले बनी थी
यूपी के सीतापुर में मस्जिद को बुलडोजर से ढहा दिया गया। मस्जिद 12 साल पहले बनाई गई थी। एडीएम नीतीश कुमार अफसरों के साथ सोमवार रात 3 बजे मौके पर पहुंचे। बुलडोजर मंगाए गए। इसके बाद मस्जिद को ढहाने की कार्रवाई हुई। सुबह 8 बजे तक मस्जिद को जमींदोज कर दिया। मस्जिद जिला मुख्यालय से 42 किलोमीटर दूर लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के नयागांव बेहटी में बनी थी। अफसरों ने बताया- मस्जिद अवैध तरीके से तालाब की जमीन पर बनाई गई थी। पूरी खबर पढ़ें…

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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