लखनऊ में बड़े भाई ने सो रहे छोटे भाई के सिर पर रॉड मारकर उसकी हत्या कर दी। दोनों ने रात में शराब पी थी। उसके बाद दोनों में झगड़ा हुआ। झगड़ा बढ़ा तो मां ने किसी तरह शांत कराया। जब छोटा भाई सो गया तो बड़े ने उसके सिर पर लोहे का रॉड मार दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। मामला बंथरा थाना क्षेत्र के खांडेदेव गांव का है। वारदात रविवार रात करीब 11 बजे की है। इसकी जानकारी सोमवार तड़के मां को तब हुई जब वह छोटे बेटे को जगाने गई। उसके चेहरे से चादर हटाई तो सिर और चेहरा खून से सना हुआ था। यह देखते ही मां बिलख पड़ी। इससे पड़ोसी भी जागकर वहां आ गए। मृतक की पहचान आलोक उर्फ गोलू (24) के रूप में हुई। बड़े भाई श्रवण गौतम (30) ने उसके सिर पर रॉड से मारा। आरोपी 3 भाई हैं। मझला भाई वीरेंद्र उर्फ अटल मानसिक रूप से कमजोर है। मां यशोदा के अनुसार, आलोक ने श्रवण को मां की गाली देने से मना किया था। इसी बात पर उसने छोटे भाई को मार डाला। 3 तस्वीरें देखिए- पुलिस बोली- सुबह हत्या की सूचना मिली, मुकदमा दर्ज बंथरा थाना प्रभारी राणा राजेश सिंह ने बताया- सोमवार सुबह सूचना मिली कि किसी ने युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी। जब मौके पर खांडेदेव गांव पहुंचे तो पता चला कि आलोक के सिर पर उसके सगे बड़े भाई श्रवण ने रॉड मारकर हत्या की है। दोनों में किसी बात को लेकर रात करीब 9:30 बजे झगड़ा हो गया था। उसके बाद दोनों सोने चले गए। जब आलोक सो गया तो उसी दौरान श्रवण ने मौका पाकर उसके सिर पर लोहे के रॉड से हमला कर दिया जिससे आलोक की मौत हो गई। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की मां यशोदा देवी की शिकायत के आधार पर बड़े बेटे पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। मृतक के पिता पुत्तीलाल की 8 साल पहले मौत हो चुकी है। पूरा मामला पढ़िए- बड़ा भाई श्रवण और छोटा भाई आलोक मजदूरी करते हैं। रविवार रात करीब 9:30 बजे घर में सभी लोग खाना खा रहे थे। तभी दोनों में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। आलोक ने श्रवण को धक्का दे दिया, जिससे श्रवण गिर गया। घरवालों ने बीचबचाव कर दोनों को अलग कर दिया। उसके श्रवण छत पर सोने चला गया, जबकि गोलू अपने कमरे में सोने चला गया। रात में श्रवण उठा और लोहे की रॉड लेकर सोते समय आलोक के ऊपर ताबड़तोड़ वार कर दिए। आज सुबह मां ने बिस्तर पर छोटे बेटे की डेडबॉडी देखी तो 5:30 बजे डायल 112 पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने श्रवण को हिरासत में ले लिया। वह उस समय भी शराब के नशे में था। तीनों भाई अविवाहित हैं। दो शादीशुदा बहनें कंचन और किरन हैं। मां बोलीं- झगड़े के बाद उसने खाना नहीं खाया था मृतक और आरोपी की मां यशोदा गर के बाहर बैठी हैं। वह कभी रोने लगती हैं तो कभी गुमसुम हो जाती हैं। उन्होंने पूछने पर बताया- दोनों में खाना खाने से पहले झगड़ा हुआ। उसके बाद गोलू ने खाना नहीं खाया। श्रवण ने मां की गाली दी तो गोलू ने कहा कि गाली मत देना नहीं तो मार डालूंगा। तुम बड़े हो इसलिए हाथ नहीं लगाना चाहता। बस इतनी ही बात थी। उसके बाद दोनों ने ही खाना नहीं खाया था। गोलू जब भी शराब पीता था तो खाना नहीं खाता था। कल मैंने तीनों भाइयों के लिए 3 थाली परोसी। केवल मझले वाले ने खाना खाया। भोर में गोलू को जगाने गई तो वह आवाज लगाने पर कुछ नहीं बोल रहा था। जब चादर हटाकर देखा तो पूरा कपार (सिर) फटा हुआ था। सोचा था अब बुढ़ापे में सहारा बनेंगे, लेकिन… मां यशोदा ने बताया- 8 साल पहले जब इनके बाप की मौत हुई तो इन्हें किस तरह मैंने पाला, मैं ही जानती हूं। कैसे-कैसे पाल कर तीनों को बड़ा किया। सोचा था अब बुढ़ापे में ये सब मेरे सहारा बनेंगे। लेकिन, बड़े हुए तो शराब पीकर झगड़ा करने लगे। अब एक-दूसरे को मार भी डाला। तीन बेटों में अब छोटा रहा ही नहीं, बड़ा जेल चला गया। बीच वाला कितना सहारा बन पाएगा? ———————– ये खबर भी पढ़िए- ग्राउंड रिपोर्ट- ‘खून के बदले खून, तब मुझे चैन मिलेगा’ : मेरठ में मां बोलीं- फौजी बेटे के हत्यारों को फांसी हो, तब इंसाफ मिलेगा बेटा तो सरहद पर अपना शरीर जलाकर देश की रक्षा कर रहा था। कलेजे का टुकड़ा देश की खातिर मुझसे दूर था, बदले में मुझे क्या मिला? मेरा बेटा ही मुझसे छिन गया। घर में घुसकर उसकी हत्या कर दी। जब तक खून के बदले खून नहीं होगा… मुझे चैन नहीं मिलेगा। ये कहना है मेरठ की विमला का, जिन्होंने अपने फौजी बेटे को खो दिया। (पूरी रिपोर्टर पढ़िए)

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