देवरिया में दुष्कर्म का आरोपी टीटीई पिछले 25 दिनों से बिहार के पटना जेल में बंद था, लेकिन उत्तर प्रदेश की खुफिया एजेंसियां और जीआरपी उसकी तलाश में अंधेरे में काम करती रहीं। इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद पुलिस के सूचना तंत्र और समन्वय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में अब विभागीय जांच की तैयारी भी शुरू हो गई है। देवरिया जीआरपी की टीम कई दिनों तक बिहार के पटना में डेरा डाले रही, लेकिन उसे भी आरोपी के जेल में होने की भनक नहीं लग सकी। जानकारी के अनुसार, यह घटना 15 फरवरी को हुई थी। मऊ की रहने वाली एक छात्रा अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस में सवार होकर गोरखपुर जा रही थी। छात्रा एनसीसी ड्रेस में थी और बिना टिकट एसी प्रथम श्रेणी कोच में बैठ गई थी। आरोप है कि इसी दौरान टीटीई राहुल कुमार वहां पहुंचा और टिकट चेक करने के बाद सीट दिलाने के बहाने उसे एक केबिन में ले गया। वहां दरवाजा बंद कर उसने छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद गोरखपुर जीआरपी ने केस दर्ज किया था, जिसे घटनास्थल देवरिया होने के कारण जीआरपी देवरिया को ट्रांसफर कर दिया गया। घटना के बाद आरोपी टीटीई राहुल कुमार फरार हो गया था। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई और एनकाउंटर के डर से उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए एक चाल चली। आरोपी ने अपने परिचितों की मदद से बिहार में शराब के साथ खुद को गिरफ्तार करवा लिया, ताकि वह जेल में सुरक्षित रह सके और पुलिस कार्रवाई से बच जाए। आरोपी मूल रूप से पटना के बिहटा थाना क्षेत्र के समारा सदिसोपुर का निवासी है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जीआरपी, एसओजी और अन्य एजेंसियों की कुल छह टीमें नेपाल और बिहार में लगातार छापेमारी करती रहीं। उस पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। इसके बावजूद पुलिस को यह जानकारी नहीं मिल सकी कि आरोपी पहले ही पटना जेल में बंद है।

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