सीतापुर में अवैध रूप से बनी मस्जिद को जिला प्रशासन ने ढहा दिया। प्रशासन की टीम रात 3 बजे ही तीन बुलडोजर लेकर पहुंच गई और मस्जिद को जमींदोज करने की कार्रवाई शुरू कर दी। फिलहाल मौके पर मस्जिद के मलबे को हटाने का काम जारी है। इस दौरान एडीएम, एएसपी, एसडीओ समेत 2 प्लाटून पीएसी, 18 थाना प्रभारी, 35 सब इंस्पेक्टर और करीब 250 महिला-पुरुष सिपाही सुरक्षा में तैनात रहे। हालांकि कार्रवाई के दौरान कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ। प्रशासन ने बताया- सरकारी तालाब की जमीन पर 12 साल पहले डेढ़ बीघा जमीन पर अवैध रूप से मस्जिद को बनाया गया था। ग्राम सभा की शिकायत पर तहसीलदार कोर्ट के आदेश से आज मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। बुलडोजर कार्रवाई की तस्वीरें… अब पूरा मामला सिलसिलेवार जानिए…
जिला मुख्यालय से करीब 42 किलोमीटर दूर स्थित लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के नयागांव बेहटी में स्थित मस्जिद के खिलाफ सोमवार तड़के बुलडोजर कार्रवाई की गई। मौके पर एडीएम नीतीश कुमार,एएसपी आलोक सिंह, लहरपुर सीओ आलोक कुमार, एसडीएम लहरपुर आकांक्षा गौतम मौजूद रहे। इसके अलावा टीम के साथ सुरक्षा में दो प्लाटून पीएसी, 18 थानों के थानाध्यक्ष्र, 35 सब इंस्पेक्टर और करीब 25 महिला-पुरुष सिपाही मौजूद रहे। इससे पहले प्रशासन की टीम 5 बुलडोजर लेकर गांव में पहुंची। सुबह 5 बजे से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई। महज तीन ही घंटे में सुबह 8 बजे तक प्रशासन ने मस्जिद की छत को छोड़, बाकी पूरे हिस्से को ध्वस्त कर दिया। मलबे को हटाने का काम जारी है। 12 साल पहले अवैध निर्माण, ग्राम सभा ने की शिकायत
तालाब और कब्रिस्तान की जमीन पर करीब 12 वर्ष पहले 0.2430 वर्गमीटर यानी करीब डेढ़ बीघा पर इस मंदिर का निर्माण कराया गया था। मस्जिद के इस ढांचे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। 18 दिसंबर 2025 को ग्राम सभा की ओर से तहसीलदार कोर्ट में वाद भी दाखिल किया गया था। नोटिस के बाद भी निर्माण नहीं हटा, प्रशासन ने अपनाया सख्त रुख
जानकारी के अनुसार, तहसीलदार लहरपुर ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत संबंधित पक्ष को पहले ही नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद निर्माण नहीं हटाया गया। इसके बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई का फैसला लिया। सरकारी जमीन मुक्त कराना प्राथमिकता- ADM
एडीएम नीतीश कुमार ने कहा- कार्रवाई पूरी तरह कानून के तहत की जा रही है और सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है। ———————————————– ये खबर भी पढ़िए… बहू को नहीं देना होगा सास-ससुर का भरण पोषण:इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुजारा भत्ता की मांग अस्वीकार की, कहा- ऐसा कानून नहीं
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुजुर्ग दंपती के बहू से मेंटेनेंस का दावा करने वाली याचिका खारिज को कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि अपनी बहू से भरण पोषण पाने का कानूनी अधिकार सास-ससुर को नहीं हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता या पूर्ववर्ती दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत भरण पोषण पाने वालों की सूची में सास या ससुर को शामिल नहीं किया गया है। यह फैसला न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह की एकल पीठ ने दिया है। पढ़ें पूरी खबर…

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