छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) का दीन दयाल शोध केंद्र पुरोहित, वास्तु विशेषज्ञ और ज्योतिषाचार्य बनाने के लिए तीन कोर्स लेकर आया है। सत्र 2026-27 के तहत केंद्र में पीजी डिप्लोमा इन वास्तुशास्त्र, डिप्लोमा इन कर्मकांड और एमए ज्योतिर्विज्ञान समेत कई कोर्स संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें प्रवेश प्रक्रिया अप्रैल से शुरू होगी। दीन दयाल शोध केंद्र के निदेशक प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने बताया- केंद्र की खास पहल यह है कि यहां पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक जरूरतों के साथ जोड़ते हुए विद्यार्थियों को थ्योरी के साथ व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। वास्तुशास्त्र में बढ़ती रुचि और रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए यह कोर्स युवाओं के लिए बेहतर विकल्प बनकर उभर रहा है। यह हैं कोर्स के बाद के अवसर केंद्र के सहायक निदेशक डॉ. दिवाकर अवस्थी ने बताया कि ये सभी कोर्स पूरी तरह स्वरोजगार परक हैं। एमए ज्योतिर्विज्ञान करने वाले विद्यार्थी अपना ज्योतिष परामर्श केंद्र खोल सकते हैं, जबकि कर्मकांड डिप्लोमा धारक पुरोहित के रूप में कार्य कर सकते हैं। इसी तरह वास्तुशास्त्र का कोर्स करने वाले छात्र वास्तु सलाहकार बनकर अपना करियर शुरू कर सकते हैं। आज के समय में घर, कार्यालय और अन्य निर्माण कार्यों में वास्तु विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिसे देखते हुए यह कोर्स युवाओं के लिए रोजगार का सशक्त माध्यम बन सकता है। कोर्स से जुड़ी मुख्य जानकारी

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