बदायूं के एचपीसीएल में हुए दोहरे हत्याकांड की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) आज अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप सकती है। मुख्यमंत्री द्वारा दी गई 14 दिन की समय सीमा पूरी हो चुकी है। इस रिपोर्ट में सिस्टम की लापरवाही के स्तर का खुलासा होने की उम्मीद है, जिसके बाद बदायूं के कुछ जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई संभव है। मुख्यमंत्री ने एसआईटी को 14 दिनों के भीतर पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी, डीआईजी बरेली रेंज एके साहनी और खाद्य आयुक्त द्वारा की गई यह जांच अब पूरी हो चुकी है। जांच के दायरे में कई अधिकारी शामिल थे, जिनमें जिलाधिकारी अवनीश राय, तत्कालीन एसएसपी डॉ. ब्रजेश सिंह, एसपी सिटी विजयेंद्र द्विवेदी, तत्कालीन सीओ उझानी डॉ. देवेंद्र सिंह, एसडीएम दातागंज धर्मेंद्र सिंह और तत्कालीन सीओ दातागंज केके तिवारी प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त, तत्कालीन थानेदार अजय कुमार और हल्का दरोगा धर्मेंद्र कुमार सहित कुछ अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की गई है। एसआईटी ने यह पता लगाने का प्रयास किया है कि शिकायतें मिलने के बाद सिस्टम कितना सजग रहा, उनके निस्तारण की स्थिति अधिकारियों को क्या बताई गई और क्या अधिकारियों ने निस्तारण की जानकारी ली भी थी। ऐसे तमाम सवालों के जवाब रिपोर्ट में शामिल किए गए हैं। जांच में हर्षित मिश्रा के परिजनों द्वारा विधायक पर लगाए गए मिलीभगत के आरोपों की भी गहनता से पड़ताल की गई है। टीम ने यह जांचा है कि क्या विधायक स्वयं आरोपी की पैरवी करते थे या उनके बेटे व भाई द्वारा पैरवी की जाती थी, और क्या ये आरोप सही हैं। सभी पहलुओं को समेटते हुए एसआईटी ने अपनी आख्या तैयार कर ली है। उम्मीद है कि आज यह विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन स्तर पर भेज दी जाएगी।

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