उन्नाव में एक निजी अस्पताल की कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां 7 वर्षीय बच्चे के हाथ में फ्रैक्चर होने पर डॉक्टर ने हाथ से लेकर पीठ और पेट तक प्लास्टर चढ़ा दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, माखी थाना क्षेत्र के गुलाबखेड़ा गांव निवासी 7 वर्षीय अनुज साइकिल चलाते समय गिरकर घायल हो गया था। उसके हाथ में गंभीर चोट आई, जिसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए शहर के मुस्कान हॉस्पिटल ले गए। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने सामान्य प्लास्टर के बजाय बच्चे के हाथ से लेकर पीठ और पेट तक बड़ा प्लास्टर कर दिया। घर लाने पर परिजनों ने देखा कि हाथ में फ्रैक्चर होने के बावजूद शरीर के बड़े हिस्से पर प्लास्टर चढ़ा दिया गया है। परिजनों के अनुसार, प्लास्टर के कारण बच्चे को बैठने, उठने और सोने में काफी परेशानी हो रही है। परिवार का आरोप है कि डॉक्टर ने बिना उचित जानकारी दिए जल्दबाजी में यह प्लास्टर किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जो तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने डॉक्टर की कार्यशैली पर सवाल उठाए। वहीं, यूपी कांग्रेस ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट कर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर निशाना साधा। पार्टी ने लिखा, “हाथ टूटा तो पेट-पीठ पर प्लास्टर… गजब का स्वास्थ्य मॉडल है उत्तर प्रदेश का।” घायल बच्चे की बहन मानसी ने बताया कि प्लास्टर लगने के बाद से बच्चा बहुत परेशान है। परिवार को समझ नहीं आ रहा कि हाथ की चोट में इतना बड़ा प्लास्टर क्यों किया गया। परिजन अब बच्चे का दोबारा इलाज कराने की तैयारी में हैं। हालांकि, इस मामले में अस्पताल प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि लापरवाही साबित होती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

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