अम्बेडकरनगर के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अब सुरक्षा व्यवस्था और शिक्षा दोनों को आधुनिक बनाया जाएगा। छात्राओं की सुरक्षा के लिए विद्यालय परिसरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, वहीं उन्हें अंतरिक्ष और आधुनिक विज्ञान से जोड़ने के लिए खगोल विज्ञान प्रयोगशालाएं भी स्थापित की जाएंगी। यह पहल बालिकाओं में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से की जा रही है। माना जा रहा है कि इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं को भी आधुनिक वैज्ञानिक संसाधनों का लाभ मिल सकेगा। समग्र शिक्षा अभियान के तहत मिली मंजूरी वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक कार्ययोजना और बजट में समग्र शिक्षा अभियान के तहत कस्तूरबा विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य विद्यालय परिसरों की निगरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है। इस योजना के लिए परियोजना अप्रूवल बोर्ड, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से स्वीकृत धनराशि में से पहले चरण में 60 प्रतिशत राशि जारी कर दी गई है। टीडीएस कटौती के बाद कार्यदायी संस्थाओं को मिल रही राशि अधिकारियों के अनुसार, 2 प्रतिशत टीडीएस कटौती के बाद यह धनराशि राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा के माध्यम से संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को उपलब्ध कराई जा रही है। सीसीटीवी कैमरों की स्थापना निर्धारित मानकों और तकनीकी गुणवत्ता के अनुरूप कराई जाएगी, ताकि विद्यालयों में निगरानी प्रणाली अधिक प्रभावी और भरोसेमंद बन सके। छात्राओं को अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ने की तैयारी इसी क्रम में छात्राओं को आधुनिक विज्ञान और अंतरिक्ष शिक्षा से जोड़ने के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में खगोल विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित करने की भी मंजूरी दी गई है। इन प्रयोगशालाओं के जरिए छात्राओं को खगोल विज्ञान, अंतरिक्ष और वैज्ञानिक तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी मिल सकेगी। इससे छात्राएं केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि विज्ञान को प्रयोग के स्तर पर भी समझ पाएंगी। खगोल विज्ञान लैब के लिए भी 60% बजट जारी खगोल विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए भी शासन स्तर से धनराशि स्वीकृत की गई है। इस योजना में भी पहले चरण में 60 प्रतिशत बजट जारी कर दिया गया है। लैब स्थापना के लिए यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। शासन ने संस्था को क्रय प्रक्रिया, उपकरणों की आपूर्ति, स्थापना और एकीकरण का कार्य तय मानकों के अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण छात्राओं को मिलेगा आधुनिक शिक्षा का लाभ यह पहल खास तौर पर ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों की छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब उन्हें भी आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाओं और तकनीकी संसाधनों तक पहुंच मिल सकेगी, जो अब तक बड़े शहरों या चुनिंदा संस्थानों तक सीमित मानी जाती थी। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे छात्राओं के शैक्षिक और व्यावसायिक भविष्य को नई दिशा मिलेगी और वे विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगी। वैज्ञानिक सोच विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम कस्तूरबा विद्यालयों में सुरक्षा और विज्ञान शिक्षा से जुड़ी यह दोहरी पहल बालिकाओं के समग्र विकास की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। एक ओर जहां विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, वहीं दूसरी ओर छात्राओं को भविष्य की विज्ञान आधारित दुनिया के लिए तैयार किया जा सकेगा।

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