अलीगढ़ के वार्ष्णेय मंदिर में रविवार को सनातनी किन्नर अखाड़े कापट्टाभिषेक कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी कौशल्या नंद गिरी (टीना मां) ने कहा कि अलीगढ़ का नाम जल्द ही बदलकर हरिगढ़ किया जाना चाहिए। कार्यक्रम में भक्ति, हवन और मंत्रोच्चार के बीच समाजसेविका आरती श्रीवास्तव सहित तीन को महत्वपूर्ण धार्मिक पदवियों से नवाजा गया। आरती श्रीवास्तव का नया नाम महामंडलेश्वर आरती नंद गिरी विश्व हिंदू परिषद (VHP) के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में अर्धनारीश्वर शक्ति प्रमुख और प्रसिद्ध समाजसेविका आरती श्रीवास्तव का विधि-विधान से पट्टाभिषेक किया गया। आचार्य पवन वशिष्ठ के सानिध्य में हुए हवन और पूजन के बाद उन्हें महामंडलेश्वर की उपाधि दी गई। अब वे महामंडलेश्वर आरती नंद गिरी के नाम से जानी जाएंगी। उनके साथ ही मनचली शंकर नंद गिरी को भी महामंडलेश्वर और राजस्थान की यशवंती पाटीदार को महंत की पदवी प्रदान की गई। आचार्य कौशल्या नंद गिरी ने तीनों को चादर ओढ़ाकर अखाड़े में शामिल किया, जिसके बाद उन्होंने सनातन धर्म की सेवा का संकल्प लिया। हर जिले में समाधि स्थल बनाने की मांग स्वामी कौशल्या नंद गिरी मां ने मंगलामुखी समाज की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग करते हुए कहा कि यह समाज भी इसी मुख्यधारा का हिस्सा है। शरीर त्यागने के बाद किन्नरों को अंतिम संस्कार के लिए भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग कि प्रदेश के हर जिले में मंगलामुखियों के लिए अलग से समाधि स्थल आरक्षित किया जाए। हिंदू समाज दे सम्मान उन्होंने आगे कहा कि मंगलामुखी कभी किसी मरे का नहीं खाते, वे हमेशा दूसरों की खुशियों में शरीक होकर अपनी जीविका चलाते हैं। अब समय आ गया है कि हिंदू समाज अपने दरवाजे खोले और किन्नरों को उनका पुराना सम्मान लौटाए। VHP के प्रयासों से मुख्यधारा में जुड़ा मंगलामुखी समाज विहिप के विभाग मंत्री मुकेश राजपूत ने बताया कि यह आयोजन वर्षों के त्याग का परिणाम है। 2 वर्ष पहले विहिप ने अर्धनारीश्वर शक्ति के रूप में इस समाज को संगठन से जोड़ा था। उन्होंने बताया कि यह समाज न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय है। गौ रक्षा और हिंदू राष्ट्र निर्माण का संकल्प भवानी मां और अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता पूनम मां ने कहा कि अखाड़े का मुख्य लक्ष्य गौ रक्षा और हिंदू राष्ट्र का निर्माण है। इसके अलावा नारी, नदी और गाय की सेवा के साथ ही सनातन संस्कृति और गुरु परंपरा को जीवित रखना भी अखाड़े के उद्देश्यों में शामिल है। किन्नर समाज को 16 संस्कारों से मुक्त और ‘सदा सन्यासी’ के रूप में स्थापित करना। ये रहे मौजूद महानगर धर्माचार्य संपर्क प्रमुख पंकज सारस्वत, जूना अखाड़ा की महामंडलेश्वर भवानी मां, दिल्ली प्रांत अध्यक्ष पूनम माता, महाराष्ट्र से महामंडलेश्वर गौरी सरस्वती मां, नजफगढ़ से महामंडलेश्वर दयालपुरी मां, महामंडलेश्वर हरिकांत जी महाराज, आचार्य सुनील कौशल, और डॉ. स्वामी रमणपुरी, RSS के विभाग प्रचारक गोविंद, विकास शर्मा, विहिप अध्यक्ष रविंद्र कुमार जिंदल, शहर विधायक मुक्ता राजा, पूर्व महापौर शकुंतला भारती, प्रतीक रघुवंशी, आलोक याज्ञनिक, उमाकांत आदि मौजूद रहे।

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