मुरादाबाद में हिंदू नववर्ष के अवसर पर भव्य शोभा यात्रा और विचार-विमर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रभक्ति की भावना को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम की शुरुआत पंचायत भवन में आयोजित विचार-विमर्श सत्र से हुई। इस सत्र में माताओं, बहनों और बालिकाओं को संगठन, संस्कृति तथा समाज जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारी दी गई। मुख्य वक्ता संकुंज बाला ने अपने संबोधन में हिंदू नववर्ष को भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक बताया। उन्होंने मातृशक्ति को समाज की वास्तविक शक्ति बताते हुए महिलाओं से समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी पंखुरी अग्रवाल ने की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, अनुशासन और सांस्कृतिक जागरूकता को सुदृढ़ करते हैं। विचार-विमर्श सत्र के बाद शाम 5 बजे पंचायत भवन से भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। यह यात्रा जैन मंदिर, गुरहट्टी और टाउनहॉल से होते हुए एस.एस. इंटर कॉलेज पहुंची, जहां रात 8:30 बजे इसका समापन हुआ। शोभा यात्रा में भारत माता की आकर्षक झांकी, पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं की भागीदारी, समिति ध्वज और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण रहीं। सजी-धजी झांकियों, रंगोली, बैनर और सुसज्जित वाहनों ने पूरे वातावरण को भव्यता प्रदान की। यात्रा का नेतृत्व सुसज्जित घोड़ों ने किया, जो परंपरा और शौर्य के प्रतीक थे। इस दौरान महिलाओं द्वारा तलवार और दण्ड का प्रदर्शन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से आत्मरक्षा, अनुशासन और संगठन की शक्ति का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों महिलाओं और बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अनुशासन और एकरूपता के साथ निकाली गई शोभा यात्रा ने शहरवासियों का ध्यान आकर्षित किया। बालिकाओं और युवतियों की सक्रिय भागीदारी की विशेष सराहना की गई। आयोजन के दौरान जलपान, पानी, स्वागत, फोटोग्राफी और साउंड सिस्टम सहित सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं। अंत में आयोजकों ने सभी सहभागियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों को और भव्य रूप में आयोजित करने का संकल्प लिया।

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