जस्टिस मदन पाल सिंह ने कहा कि भारतीय समाज में सास-ससुर की देखभाल करना बहू की जिम्मेदारी मानी जाती है। लेकिन ऐसे मामलों में उसके ऊपर कानून की कोई बाध्यता नहीं होती है। ऐसे में बहू भरण-पोषण देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
जस्टिस मदन पाल सिंह ने कहा कि भारतीय समाज में सास-ससुर की देखभाल करना बहू की जिम्मेदारी मानी जाती है। लेकिन ऐसे मामलों में उसके ऊपर कानून की कोई बाध्यता नहीं होती है। ऐसे में बहू भरण-पोषण देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
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