गोरखपुर में रविवार को आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत सेंट जॉन्स स्कूल के खेल मैदान से हुई, जहां सैकड़ों बच्चे एकत्र हुए। बच्चों ने हाथों में खजूर की डालियाँ लेकर “होशन्ना” के गीत गाते हुए जुलूस निकाला। यह जुलूस चर्च परिसर तक पहुंचा, जहां आगे की धार्मिक विधियां सम्पन्न हुईं। पाम संडे मसीही समाज का महत्वपूर्ण पर्व है, जो प्रभु यीशु मसीह के यरूशलेम प्रवेश की स्मृति में मनाया जाता है। मान्यता है कि उस समय लोगों ने उनका स्वागत करते हुए खजूर की डालियाँ बिछाईं और “होशन्ना” के जयघोष किए। खजूर की डालियाँ शांति, विजय और सम्मान का प्रतीक मानी जाती हैं।
बाइबल के वचनों से दी गई जानकारी कार्यक्रम के दौरान चर्च के पुरोहित रेवरेन्ट रोशन लाल ने बाइबल के वचनों के माध्यम से उपस्थित लोगों को पाम संडे का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि यह दिन ईस्टर से पहले आने वाले पवित्र सप्ताह की शुरुआत का संकेत देता है। सन्डे स्कूल के बच्चों ने गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को व्यवस्थित और आकर्षक बनाया। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक अनुशासन और शांत माहौल बना रहा।
इस मौके पर चर्च के ले लीडर्स, सन्डे स्कूल के शिक्षक, सचिव, कोषाध्यक्ष, ईस्टर कार्यक्रम के समन्वयक, पास्टरेट कमेटी के सदस्य और कलीसिया के कई सदस्य मौजूद रहे। पाम संडे का यह कार्यक्रम चर्च परिसर में श्रद्धा और अनुशासन के साथ सम्पन्न हुआ, जिसमें सभी आयु वर्ग के लोगों ने भाग लिया।

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