संभल जिले में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई से पहले ही मुस्लिम समुदाय ने एक मदरसा और मस्जिद को खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया है। असमोली थाना क्षेत्र के मुबारकपुर बंद गांव में खाद के गड्ढे और खेल के मैदान की साढ़े तीन बीघा सरकारी भूमि पर कुल 16 अवैध निर्माण पाए गए हैं, जिनमें दो स्कूल, 15 मकान-दुकानें और मदरसा-मस्जिद शामिल हैं। रविवार को मस्जिद के मुतव्वली नुसरत अली की मौजूदगी में मदरसा गौसुल उलूम और उसकी मस्जिद को तोड़ने का काम मुस्लिम समाज के लोग स्वयं कर रहे हैं। मुतव्वली ने बताया कि प्रशासन ने पूरी जमीन की पैमाइश की है और उनके कहने पर ही इन निर्माणों को हटाया जा रहा है। मस्जिद लगभग एक बीघा जमीन पर बनी थी, जबकि शेष हिस्से में मदरसा था। सरकारी जमीन पर दुकानें और मकान भी बने हुए थे। राजस्व प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ शनिवार दोपहर 12 बजे गांव पहुंची थी और शाम पांच बजे तक नक्शे के आधार पर अवैध कब्जे की पैमाइश की। करीब तीस वर्ष पहले बने मदरसा गौसुल उलूम और मदरसे वाली मस्जिद की ऊपरी मंजिल के निर्माण के दौरान दीवारों में खिड़कियां लगाने पर आसपास के घरों में रहने वाले परिवारों ने शिकायत की थी। इसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया। बुधवार रात गांव में हुई ग्रामीणों की पंचायत में बुलडोजर कार्रवाई से होने वाले नुकसान से बचने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद गुरुवार को ग्रामीणों ने मस्जिद और मदरसे को तोड़ना शुरू कर दिया। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया के आदेश पर तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने ग्राम समाज की भूमि का सीमांकन कर उसे कब्जा मुक्त कराने के संबंध में राजस्व निरीक्षक गुमसानी चंद्रपाल सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित की थी। इस टीम में हल्का लेखपाल सुरेंद्र सिंह, पीयूष शर्मा, अमित प्रथम, अनुराग शर्मा और सुभाष चंद्र शामिल थे। गाटा संख्या 623 (रकबा 0.112 हेक्टेयर, खाद का गड्ढा) और गाटा संख्या 630 (रकबा 0.126 हेक्टेयर, खेल का मैदान) की पैमाइश की जानी थी। राजस्व टीम सोमवार को तहसीलदार न्यायालय में अवैध निर्माण की रिपोर्ट सौंपेगी।

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