बलिया के भृगु आश्रम स्थित नारायणी में रविवार को सर्वजन सनातन पार्टी और विश्वव्यापी ब्राह्मण एकता मंच की संयुक्त बैठक हुई। इसमें एससी-एसटी एक्ट, सनातन धर्म और गौ संरक्षण जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए सर्वजन सनातन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित शीतला प्रसाद पाण्डेय ने एससी/एसटी एक्ट में हुए संशोधन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा दी गई व्यवस्था को न मानते हुए संविधान में 27 बिंदु जोड़कर ‘पहले गिरफ्तारी, फिर जांच’ का आदेश देना शोषण के लिए एक ‘काला कानून’ है। पंडित पाण्डेय ने यूजीसी कानून को भी हिंदुओं को खंडित करने का प्रयास बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय सनातन परंपरा के आधारशिला परिवार को विखंडित करने के लिए कुछ ऐसे कानूनों का संरक्षण किया जा रहा है, जो सनातन धर्म संस्कृति को नष्ट कर सकते हैं। उन्होंने आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा सनातन धर्म की स्थापना का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान शंकराचार्यों को अपमानित किया जा रहा है। उन पर यौन शोषण के फर्जी आरोप लगाए जा रहे हैं और अनेक नकली शंकराचार्य बनाए जा रहे हैं, जिससे सनातन धर्म को बदनाम किया जा सके। बटुकों की शिखा पकड़कर घसीटना और जूते से मारना सनातन का घोर अपमान है। गौ संरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जहां गौ माता को राष्ट्र माता घोषित कर उनका संरक्षण और संवर्धन करना चाहिए, वहीं उन्हें काटा जा रहा है। उन्होंने इसे सनातन को नष्ट करने का काम बताया और कहा कि उत्तर प्रदेश मांस निर्यात में प्रथम स्थान पर है। जिलाध्यक्ष पंडित लल्लन पाण्डेय ने सवर्णों को अन्य पार्टियों द्वारा तोड़ने की साजिशों से सावधान रहने को कहा। उन्होंने सभी ब्राह्मणों, सवर्णों और सनातनियों से किसी अन्य पार्टी के चक्कर में न पड़कर केवल सर्वजन सनातन पार्टी से जुड़ने का आह्वान किया, ताकि वे अपने उद्देश्यों को प्राप्त कर सकें। इस अवसर पर ब्रिकेश पाठक, राजेश्वर तिवारी, संतोष तिवारी, गणेश पाठक, नवीन शुक्ल, नीतीश पाण्डेय, कन्हैया पाण्डेय, आनंद शंकर मिश्र, विश्वव्यापी ब्राह्मण एकता महा मंच के अशोक पाण्डेय, डॉ. विनोद पाण्डेय, विनोद दूबे, अंशु माली, प्रतीक पाण्डेय और नरेंद्र उपाध्याय सहित कई लोग उपस्थित रहे।

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