देहरादून में यूपी से B.Tech करने आए छात्र दिव्यांशु जटराणा की हत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने फरार चल रहे 7 आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है, जबकि 4 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। गौरतलब है कि 23 मार्च की रात खाना खाने के दौरान 15 से ज्यादा हमलावरों ने दिव्यांशु पर फावड़े से जानलेवा हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। दिव्यांशु को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आज यानी रविवार को मेरठ (यूपी) में विशाल महापंचायत आयोजित की गई, जिसमें देहरादून पुलिस को 2 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया गया है। महापंचायत में अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद की राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी दांतल ने इस मद्दे को उठाया। चाचा बोले- हत्यारों का एनकाउंटर हो दिव्यांशु जटराणा के चाचा आशु ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 2 अप्रैल तक न्याय नहीं मिला, तो वे अगले दिन देहरादून एसएसपी (SSP) ऑफिस का घेराव करेंगे। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए मांग की कि “हत्यारों का भी यूपी की तरह एनकाउंटर किया जाना चाहिए।” मामले में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली के जाटों ने समर्थन दिया है। इसको लेकर 16 जिलों से जाट सभाओं ने समर्थन दिया है। इनमें रोहतक, झज्जर, भिवानी, पानीपत, सोनीपत, हिसार, सिरसा, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, बुलंदशहर, जयपुर, भरतपुर, धौलपुर और सीकर के लोग शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री ने सांसद को सीएम धामी से मिलने भेजा राष्ट्रीय जाट महासभा के अध्यक्ष चौधरी सचिन सरोह ने भी सभी जाट समुदाय से एक होने की अपील की है। उन्होंने प्रेमनगर के सभी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग की है। वहीं मामले को लेकर राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत सिंह के निर्देश पर बिजनौर से सांसद चंदन चौहान ने सीएम धामी से मिलकर घटना की शिकायत भी की है। जाट एसोसिएशन ने मामले में कहा कि हम ऐसा दबाव बनाएंगे कि हत्यारों का यूपी की तरह एनकाउंटर हो। वहीं भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि देहरादून में हमारे समाज के युवक की हत्या की गई है। ‘3 अप्रैल को देहरादून कूच करेंगे’ जाट समाज ने फैसला किया कि 3 अप्रैल को देहरादून कूच करेंगे, जहां एक मीटिंग होगी। चार राज्यों के जाट दिव्यांशु के लिए इंसाफ मांगेंगे। मामले में यूपी के मुजफ्फरनगर के सांसद हरेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि वह हमारे समाज का बेटा था। उत्तराखंड के DGP को एक लेटर भी लिखा गया है। अब तक पुलिस की कार्रवाई से हम लोग संतुष्ट नहीं हैं। आरोप है कि आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है। दिव्यांशु जटराणा के परिजनों ने बताया कि मामले में लोकसभा और राज्यसभा के 20 से ज्यादा सांसदों ने कहा है कि यदि 3 अप्रैल तक न्याय नहीं मिला तो वे संसद में इस मुद्दे को उठाएंगे और जरूरत पड़ने पर देहरादून कूच करेंगे। 6 पॉइंट्स में समझिए पूरा मामला…
घटना से जुड़ी 3 PHOTOS… अब समझिए कैसे इलाज मिलने में हुई देरी… एम्बुलेंस में तड़पता रहा दिव्यांशु, समय पर नहीं मिला इलाज मारपीट में गंभीर रूप से घायल होने के बाद दिव्यांशु जटराणा को पहले प्रेमनगर सीएचसी में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर उसे दून अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन जिस एम्बुलेंस में उसे दून अस्पताल ले जाया जा रहा था उसका बीच रास्ते में ही एक्सेल टूट गया, जिसकी वजह से गाड़ी रुक गई। इस दौरान का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें छात्र एम्बुलेंस के अंदर लेटा हुआ है और दर्द से तड़प रहा है, लेकिन उसे तत्काल राहत नहीं मिल पा रही। इस दौरान एम्बुलेंस के अंदर ऑक्सीजन सपोर्ट भी नजर नहीं आ रहा। खराब एम्बुलेंस सड़क पर खड़ी रही, दूसरी नहीं बुलाई गई करणी सेना का आरोप है की एम्बुलेंस करीब एक घंटे तक बीच सड़क ही खड़ी रही लेकिन मरीज को अस्पताल भेजने के लिए कोई दूसरी व्यवस्था तक नहीं की गई। स्थिति तब संभली जब पुलिस मौके पर पहुंची और अपनी गाड़ी से दिव्यांशु को दून अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। करणी सेना ने स्वास्थ्य विभाग और ड्राइवर को ठहराया जिम्मेदार करणी सेना ने इस मामले को उठाते हुए एम्बुलेंस सेवा और स्वास्थ्य विभाग पर सीधा आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि अगर समय पर इलाज मिलता तो दिव्यांशु की जान बच सकती थी। करणी सेना के राष्ट्रीय सचिव शुभम सिंह ठाकुर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए एम्बुलेंस चालक पर कार्रवाई और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है। मुजफ्फरनगर का रहने वाला था दिव्यांशु मुजफ्फरनगर में रहने वाले अमित उर्फ सोनू जटराणा किसान हैं। उनके पास करीब 50 बीघा जमीन है। परिवार में अमित की पत्नी अलका और दो बेटे दिव्यांशु व लक्षित थे। लक्षित 11वीं का छात्र है। वहीं, दिवांशु ने पिछले साल देहरादून की उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया था। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… ‘टाइम से इलाज नहीं मिलने पर हुई दिव्यांशु की मौत’: एक घंटे तक बीच सड़क खड़ी रही एम्बुलेंस, करणी सेना बोली- ऑक्सीजन के बिना वो तड़पता रहा देहरादून में B.Tech स्टूडेंट दिव्यांशु जटराणा की मौत से पहले का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दिव्यांशु एम्बुलेंस के अंदर तड़पता हुआ दिख रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद क्षेत्रीय करणी सेना ने स्वास्थ्य विभाग और उस एम्बुलेंस चालक पर सवाल खड़े किए हैं जो दिव्यांशु को लेकर अस्पताल गया था। (पढ़ें पूरी खबर)

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