लखीमपुर खीरी में अशोक सम्राट जयंती के अवसर पर आयोजित बहुजन भाईचारा महारैली में नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने संबोधन में भाजपा के सदर विधायक से जुड़े कथित थप्पड़ कांड का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यशैली और दलित-पिछड़े नेताओं के सम्मान पर सवाल उठाए। आजाद ने कहा कि हाल की घटनाएं दर्शाती हैं कि इस सरकार में जनप्रतिनिधियों का सम्मान भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने भाजपा के सदर विधायक योगेश वर्मा से जुड़े थप्पड़ कांड और कन्नौज में मंत्री असीम अरुण की प्रेस कॉन्फ्रेंस से जुड़े विवादों का हवाला देते हुए कहा कि यह दर्शाता है कि सरकार के भीतर ही पिछड़े वर्ग के नेताओं को सम्मान नहीं मिल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि जब सरकार में बैठे मंत्रियों और विधायकों का सम्मान ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता के सम्मान और अधिकारों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। अपने संबोधन में चंद्रशेखर आजाद ने लखीमपुर खीरी के चर्चित तिकुनिया हिंसा कांड का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तिकुनिया में किसानों पर गाड़ी चढ़ाने की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से कहा कि जनता ने अपने मत का सही इस्तेमाल कर लोकतंत्र की ताकत का एहसास कराया और ऐसे लोगों को लोकसभा से बाहर का रास्ता दिखाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी को और मजबूत बनाने का आह्वान किया। आजाद ने कहा कि बहुजन समाज को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना होगा। रैली के दौरान, आजाद ने जिले में तेंदुए के हमले में सात साल की बच्ची की मौत और जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए अग्निवीर जवान इंद्रजीत गुप्ता को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने प्रशासन पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि रैली की अनुमति देने में देरी की गई। आजाद ने कहा कि समय बदलता है और जिस दिन आजाद समाज पार्टी की सरकार बनेगी, उसी दिन यही अधिकारी जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति जवाबदेह होंगे।

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