अयोध्या में श्मशान घाट के राह की मुश्किलें बढ़ती जा रही है।सरयू में जल कम होने की वजह से शवदाह स्थल बदला है। वर्तमान शवदाह स्थल पर पहुंचने के लिए यात्रियों को जलभराव, फिससल और असमतल जमीन से गुजरना पड़ता है।इससे आए दिन शव यात्रा में शामिल लोग फिसल कर गिर रहे हैं। समाजेसवी रीतेश दास ने बताया कि आज सुबह दो बुजुर्ग लोग घायल हो गए। क्योंकि शमशान घाट पर रास्ता नहीं है। लोगों को आने जाने में बहुत परेशानी हो रहा है। शमशान घाट पर गड्ढे को जेसीबी से बांध बने राम की पैड़ी का जो पानी जा रहा है उसे चौधरी चरण सिंह घाट पर सरयू नदी में डाला जाता है। यही पानी शमशान घाट के राह को बाधित कर रही है। अयोध्या की जनता और बाहर से शव यात्रा लेकर आने वाले लोगों को बहुत दिक्कत हो रहा है। लोग वैसे ही दुख में रहते हैं शमशान घाट आने पर और दुखी हो जाते हैं। समाजसेवी रीतेश दास ने जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को संज्ञान लें। उन्होंने डीएम सहित जिले के सांसद और विधायक सहित महापौर से समस्या को लेकर तत्काल गंभीर कदम उठाए जाने की मांग की है।कहा कि अयोध्या में आसपास के जिलों से भी सैकड़ों शव यात्राएं रोज पहुंच रही है। वर्तमान शव दाह स्थल के आसपास पेयजल का भी गंभीर संकट बना हुआ है। टिन शेड की भी व्यवस्था की जाए।

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