गाजियाबाद नगर निगम की आईजीआरएस (IGRS) जनसुनवाई रिपोर्ट के बाद हाउस टैक्स को लेकर चल रही भ्रांति काफी हद तक दूर हो गई है। निगम ने स्पष्ट किया है कि हाउस टैक्स की नई दरें न्यायालय के आदेशों के अनुरूप ही लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से इस विषय पर प्रश्न पूछा गया था। इसके जवाब में नगर निगम ने बताया कि हाउस टैक्स की दरें सरकार और सदन द्वारा निर्धारित नियमों के आधार पर लागू की गई हैं। निगम ने यह भी स्पष्ट किया कि पात्र व्यक्तियों को नियमानुसार छूट प्रदान की जा रही है, ताकि जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। इसके बावजूद, कुछ जन प्रतिनिधियों द्वारा ऐसे बयान दिए जा रहे हैं, जिनसे लोगों में गलतफहमी फैल रही है। जांच अधिकारी और कर विभाग की रिपोर्ट भी पुष्टि करती है कि पूरा मामला न्यायालय के आदेशों के अनुसार ही आगे बढ़ रहा है। अधूरी जानकारी के आधार पर दिए गए बयान आम जनता में भ्रम पैदा करते हैं। इस संबंध में, आरडब्ल्यूए पटेल नगर द्वितीय, बी ब्लॉक गाजियाबाद के अध्यक्ष पंकज शर्मा ने कहा कि जनता को सही जानकारी मिलना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी मुद्दे पर बयान देने से पहले पूरी जानकारी की जांच कर लेनी चाहिए, ताकि लोगों में अनावश्यक भय या भ्रम न फैले। शर्मा के अनुसार, सही जानकारी से ही लोगों का भरोसा बना रहता है और अनावश्यक विवादों से बचा जा सकता है।

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