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उत्तर भारत के सबसे बड़े स्नेक हाउस के खुले ताले:कानपुर जू में अब रेंगते दिखेंगे अजगर और वाइपर; जल्द आ सकता है एनाकोंडा

शहर की तपिश बढ़ने के साथ ही चिड़ियाघर (कानपुर जू) जाने वाले पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। कड़ाके की ठंड के कारण बीते कुछ महीनों से बंद पड़ा उत्तर भारत का सबसे बड़ा ‘सांप घर’ (स्नेक हाउस) दर्शकों के लिए दोबारा खोल दिया गया है। अब यहाँ आने वाले लोग न केवल भारतीय प्रजाति के जहरीले और बिना जहर वाले सांपों को देख सकेंगे, बल्कि जल्द ही यहाँ दुनिया के सबसे भारी सांप ‘एनाकोंडा’ के दीदार की भी तैयारी चल रही है। सर्दी में ‘हाइबरनेशन’ पर थे सांप, हीटिंग इक्विपमेंट्स से हुई सुरक्षा कानपुर जू के निदेशक डॉ. कन्हैया पटेल ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में बताया कि,सांप कोल्ड-ब्लडेड जीव होते हैं, जिन्हें जीवित रहने के लिए एक निश्चित तापमान की जरूरत होती है। भारी ठंड के दौरान सांप ‘हाइबरनेशन’ यानी शीतनिद्रा में चले जाते हैं, जिसके चलते उनकी सुरक्षा को देखते हुए स्नेक हाउस को दर्शकों के लिए बंद कर दिया गया था। इस अवधि में सांपों को सुरक्षित रखने के लिए उनके बाड़ों में हीटिंग इक्विपमेंट्स और विशेष लाइटों का पुख्ता इंतजाम किया गया था ताकि वे बीमार न पड़ें। अब तापमान सामान्य होते ही उन्हें फिर से दर्शकों के सामने लाया गया है। 2 तस्वीरें देखिए… 25 प्रजातियों के साथ नॉर्थ इंडिया का सबसे बड़ा सेंटर बना कानपुर स्नेक हाउस कानपुर का यह स्नेक हाउस अपनी भव्यता और विविधता के लिए पूरे उत्तर भारत में मशहूर है। वर्तमान में यहाँ सांपों की करीब 20 से 25 प्रजातियां मौजूद हैं, जो इसे बेहद खास बनाती हैं। यहाँ आने वाले दर्शक घातक जहर और फुर्ती के लिए मशहूर ‘वाइपर’, विशालकाय शरीर वाले ‘अजगर’, खेतों के रक्षक कहे जाने वाले ‘धामिन’ और भारतीय संस्कृति में विशिष्ट स्थान रखने वाले ‘कोबरा’ जैसे सांपों को देख सकेंगे। इनमें जहरीली और बिना जहर वाली, दोनों ही तरह की प्रजातियां शामिल हैं। जू में दिखेगा विदेशी ‘एनाकोंडा’ का रोमांच, चल रही है एनिमल एक्सचेंज की तैयारी
चिड़ियाघर प्रशासन अब यहाँ विदेशी प्रजातियों को लाने की एक बड़ी कार्ययोजना पर काम कर रहा है। कानपुर जू के निदेशक डॉक्टर कन्हैया पटेल ने कहा कि, दक्षिण भारत के प्रमुख चिड़ियाघरों से ‘एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम’ के तहत बातचीत का सिलसिला शुरू हो चुका है। विभाग का प्रयास है, कि जल्द ही कानपुर के इस स्नेक हाउस में ‘एनाकोंडा’ जैसी विदेशी प्रजाति को भी शामिल किया जाए। इससे न केवल सांपों की प्रजातियों में विविधता आएगी, बल्कि पर्यटकों के लिए भी यह एक नया और रोमांचक अनुभव होगा। अलग से नहीं देना होगा कोई शुल्क, मुख्य टिकट में ही होगा दीदार
अक्सर पर्यटकों के मन में यह सवाल रहता है,कि क्या सांप घर देखने के लिए अलग से पैसे देने होंगे,लेकिन जू प्रशासन ने इसे लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। स्नेक हाउस को देखने के लिए कोई भी अतिरिक्त या अलग से शुल्क निर्धारित नहीं किया गया है। चिड़ियाघर के मुख्य गेट पर जो प्रवेश शुल्क लिया जाता है, उसी टिकट पर दर्शक इस विशाल सांप घर का आनंद ले सकेंगे और अलग-अलग प्रजातियों के रेंगते जीवों को करीब से देख पाएंगे।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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