चित्रकूट में आयोजित ‘दीपदान’ कार्यक्रम में 22 लाख दीप जलाने के दावे को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। इस आयोजन की पारदर्शिता और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे धार्मिक नगरी में आक्रोश का माहौल बन गया है। पूर्व सांसद भैरों प्रसाद मिश्रा ने भगवान कामतानाथ स्वामी को पत्र लिखा। उन्होंने 22 लाख दीपों के दावे को भ्रामक बताते हुए इसे धार्मिक आस्था से खिलवाड़ करार दिया। मिश्रा ने मांग की कि इस कृत्य में शामिल लोगों को जवाबदेह ठहराया जाए। सपा नेता ने लगाए वसूली के आरोप समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अनुज यादव ने भी आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि दीपदान के नाम पर प्रत्येक ग्राम पंचायत के सचिवों और प्रधानों से जबरन दो-दो हजार रुपये वसूले गए। यादव ने तंज कसते हुए कहा कि वसूली के बावजूद भी 22 लाख दीपों का आंकड़ा पूरा नहीं हो पाया, जो शर्मनाक है। स्थानीय लोगों में नाराजगी स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक आयोजनों को ‘टारगेट’ और आंकड़ों की प्रतिस्पर्धा का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। यदि वसूली और फर्जी आंकड़ों का खेल हुआ है, तो जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं। जनता ने की निष्पक्ष जांच की मांग जनता ने प्रशासन से पूरा प्रकरण सार्वजनिक करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का मानना है कि धार्मिक आयोजनों में पारदर्शिता और ईमानदारी जरूरी है, अन्यथा आस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अगला कदम प्रशासन का अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है। क्या मामले की जांच होगी या यह मुद्दा भी अन्य विवादों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा। फिलहाल, यह मुद्दा चित्रकूट में जनचर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन से जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

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