जौनपुर में प्रशासन भूमाफिया और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चला रहा है। इस अभियान के तहत अब तक 120 स्थानों से अतिक्रमण हटाकर सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया है। कुल 748 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से 38 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। दर्ज की गई शिकायतों में से 291 गलत पाई गईं, जबकि 431 मामले वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन हैं, जिस कारण उन पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। इस कार्रवाई के दौरान 420 राजस्व वाद और 10 सिविल वाद भी दर्ज किए गए हैं। अतिक्रमण मुक्त कराई गई सरकारी भूमि में तालाबों के साथ-साथ भीटा की जमीन भी शामिल है। भूमाफिया के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई के लिए शासन स्तर से निर्देश जारी किए गए हैं। इसी के तहत प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बरती जा रही है। जिलाधिकारी (डीएम) नियमित रूप से समीक्षा बैठकों में कार्रवाई की जानकारी ले रहे हैं। उप-जिलाधिकारियों (एसडीएम) को भी इस संबंध में निर्देशित किया गया है कि वे अतिक्रमण के दायरे में आने वाले तालाबों की जानकारी प्राप्त करें और पुलिस बल के साथ उन्हें खाली कराएं। सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने के निर्देशों के क्रम में बड़ी संख्या में तालाबों से भी अतिक्रमण हटाया जा रहा है, ताकि उन्हें उनके मूल स्वरूप में वापस लाया जा सके। जिले के सबसे बड़े गूजर ताल सहित कई तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। सीआरओ अजय कुमार अंबष्ट ने बताया कि सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सरकारी भूमि पर कब्जे की शिकायत एंटी भू-माफिया पोर्टल पर भी की जा सकती है, ताकि समस्याओं का समाधान हो सके।

Leave a Reply