जौनपुर में विद्युत विभाग द्वारा लागू की गई प्रीपेड मीटर व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए परेशानी बन गई है। तकनीकी खामियों और नियमों की जानकारी के अभाव के कारण पिछले एक महीने में 14,632 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटे गए हैं। इनमें से केवल 7,180 उपभोक्ताओं ने रिचार्ज कराकर अपनी बिजली आपूर्ति बहाल कराई है। यह व्यवस्था बिजली चोरी रोकने और शत-प्रतिशत बकाया वसूली के उद्देश्य से लागू की गई थी। जनपद में स्मार्ट मीटर लगाने की जिम्मेदारी जीएमआर कंपनी को दी गई है। विभागीय दिशानिर्देशों के अनुसार, दो किलोवाट के कनेक्शन पर 5,000 रुपये से अधिक बकाया होने पर ही कनेक्शन काटा जाना चाहिए। वास्तविक स्थिति और उपभोक्ताओं की शिकायत हालांकि, धरातल पर स्थिति इसके विपरीत है। कई उपभोक्ताओं के कनेक्शन 1,000 रुपये से 2,500 रुपये तक का बकाया होने पर भी काट दिए गए। उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनका बिल काफी बढ़कर आ रहा है। विद्युत विभाग की प्रक्रिया विद्युत विभाग के अनुसार, बकाया होने पर उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर संदेश भेजा जाता है। बकाया जमा होने के 15 मिनट के भीतर आपूर्ति बहाल कर दी जाती है। यदि उपभोक्ता का पहले का बकाया हो, तो उसे वर्तमान बिल के साथ 10 से 25 प्रतिशत राशि जमा करनी होती है। शिकायतों की जांच का आश्वासन अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि लोड और अधिक बिल से संबंधित शिकायतों की जांच कराई जाएगी। विभाग इस बात का ध्यान रखेगा कि तकनीकी खामियों और नियमों के सही पालन के साथ उपभोक्ताओं को परेशान न होना पड़े।

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