पीलीभीत में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह और उनके परिजनों पर एक बुजुर्ग महिला की जमीन हड़पने, धोखाधड़ी करने और विरोध करने पर मारपीट करने के आरोप लगे हैं। ग्राम भिंडारा निवासी नन्द रानी देवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। वहीं, आरोपी भाजपा नेता ने इन सभी आरोपों को निराधार और छवि खराब करने की साजिश बताया है। शिकायतकर्ता नन्द रानी देवी का आरोप है कि भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, उनकी पत्नी भावना सिंह, उनके भाई और वर्तमान चेयरमैन मझोला निशांत प्रताप सिंह तथा राजीव प्रताप सिंह ने उनकी 0.089 हेक्टेयर भूमि का सौदा वर्ष 2017 में किया था। महिला का दावा है कि आरोपियों ने 5 लाख रुपये का चेक दिया, लेकिन बाद में तारीख बढ़ाने के नाम पर वह चेक वापस ले लिया और कभी भुगतान नहीं किया। महिला ने बैंक में पता किया तो उस खाते में कभी पर्याप्त राशि नहीं थी। बुजुर्ग महिला ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि जब उन्होंने सिविल कोर्ट में वाद दायर किया, तो आरोपियों ने फर्जी हस्ताक्षर कर भुगतान प्राप्ति की रसीद दाखिल कर दी। महिला का आरोप है कि विरोध करने पर संजीव प्रताप सिंह ने अपनी राजनीतिक पहुंच का फायदा उठाकर पीड़िता के पति और पुत्र को पुलिस से उठवाया और उनके साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ माह पूर्व पुलिस की वर्दी में आए कुछ लोगों ने उनके पैरों पर डंडों से हमला किया, जिससे वह अब लंगड़ा कर चलने को मजबूर हैं। इसके अतिरिक्त, बिजली कनेक्शन काटने और घर पर मिट्टी डलवाकर जबरन कब्जे के प्रयास का भी आरोप लगाया गया है। इन गंभीर आरोपों के संबंध में जब भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह का पक्ष लिया गया, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उनका कहना है कि “मुझ पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद हैं। यह केवल मेरी और मेरे परिवार की छवि खराब करने के लिए एक सोचा-समझा षड्यंत्र है। राजनीतिक विद्वेष के चलते विपक्षी या विरोधी तत्व इस तरह के झूठे आरोप लगवा रहे हैं।” पीड़िता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि संजीव प्रताप सिंह और उनके भाइयों द्वारा की गई अवैध संपत्तियों की जांच हेतु एक विशेष समिति बनाई जाए और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। फिलहाल, यह मामला सत्ता के गलियारों से लेकर आम जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

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