आगरा में शू कारोबारी मकान मालिक की 8 साल की बच्ची की हत्या का आरोपी किराएदार शनिवार तड़के 3 बजे एनकाउंटर में ढेर हो गया। आरोपी की मौत के बाद हर कोई जानना चाहता है कि आखिर बच्ची की हत्या के पीछे वजह क्या थी? क्या सुनील ने अकेले की हत्या कर शव को कनस्तर में छिपाया था। पुलिस भी इस वजह को तलाश रही है। पुलिस की जांच में जो कारण सामने आया है, वो बेहद चौकाने वाला है। हत्या में सुनील के साथ बच्ची का एक बेहद करीबी भी शामिल है। पुलिस उसके खिलाफ सुबूत जुटा रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही उसकी गिरफ्तारी होगी। सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला पढ़िए- घर के बाहर से लापता हुई थी बच्ची सिद्धार्थ नगर गोबर चौकी के रहने वाले कारोबारी का जूते का कारखाना है। कारोबारी के इलाके में 2 मकान हैं। एक घर में वो, पत्नी और 2 बेटियों के साथ रहते हैं। ठीक सामने वाले मकान के ग्राउंड फ्लोर पर फैक्ट्री और गोदाम है। घर के ऊपर एक कमरा किराए पर दे रखा है। इसमें आरोपी पेंटर सुनील रहता था। उन्होंने बताया था कि सुनील पूरे परिवार के साथ ही मोहल्ले में रहता था। कोविड काल के दौरान उसने 25 लाख रुपए में अपना मकान बेच दिया था। इसके बाद किराए पर रह रहे थे। करीब एक साल पहले सुनील के माता-पिता हमारे यहां किराए पर रहने आए थे। तब सुनील उनके साथ नहीं था। मगर, पिछले कुछ समय से सुनील भी यहां आकर रहने लगा था। किराया 2200 रुपए देते थे। कारोबारी ने बताया था- मंगलवार दोपहर 2 बजे मोहल्ले के कुछ बच्चे आए। बड़ी बेटी उनके साथ खेलने चली गई। काफी देर तक वह दिखाई नहीं दी तो मुझे लगा ट्यूशन पढ़ने चली गई होगी। शाम के 4:30 बजे तक लौटी नहीं तो उसकी मां को चिंता हुई। फिर हम लोगों ने तलाश शुरू की। ट्यूशन टीचर को फोन कर पूछा। उन्होंने बताया कि बेटी आज आई ही नहीं थी।
पुलिस ने 4 टीमें बनाई थीं, मोहल्ले के CCTV खंगाले थे पिता ने बताया था- मैंने पुलिस को सूचना दी। मोहल्ले के लोगों के साथ हम बेटी को आसपास खोजते रहे। पुलिस ने गलियों में लगे CCTV खंगाले। इसमें दोपहर 2:00 बजे बेटी गली के बाहर एक दुकान पर चिप्स का पैकेट लेती नजर आई। फिर वह वहां से वापस जाती दिखी। पुलिस ने देर शाम मेरी तहरीर पर अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कर ली। ACP पीयूष कांत राय के नेतृत्व में 4 टीमें बनाईं। पुलिस की एक टीम घर के आसपास के कैमरे देख रही थी। दूसरी टीम घरवालों से बातचीत और पड़ोसियों से पूछताछ कर रही थी।
गुमशुदगी दर्ज कराने थाने तक गया किराएदार, फिर लापता हो गया था पिता ने बताया था कि तीसरी टीम घरों की तलाशी में लग गई। पुलिस ने मोहल्ले के हर घर की तलाशी ली, मगर बच्ची का कोई सुराग नहीं लगा। इसी बीच, मैंने पुलिस को बताया कि किराएदार सुनील बच्ची के लापता होने के बाद से हमारे साथ था। वह भी बच्ची को तलाश रहा था। वह मेरे साथ गुमशुदगी दर्ज कराने थाने भी गया था। उन्होंने बताया था कि जब पुलिस मोहल्ले के घरों की जांच करने लगी तो सुनील दिखाई नहीं दिया। वह अपने कमरे पर ताला लगाकर चला गया। मेरे शक जाहिर करने पर पुलिस ने बुधवार रात 8 बजे किराएदार के कमरे का ताला तोड़ा। इसके बाद कमरे की तलाशी ली गई, तो कनस्तर में बेटी की लाश मिली। ऊपर आटे की बोरी रखी थी। उसके ऊपर एक लाल रंग की रजाई रखी थी। चौकाने वाला खुलासा होगा
पुलिस ने शनिवार सुबह आरोपी सुनील का एनकाउंटर कर दिया। मृतका के परिजनों ने कहाकि आरोपी की मौत के बाद उन्हें सुकून मिला है। बेटी को न्याय मिल गया। मगर, पुलिस सूत्रों के अनुसार इस हत्याकांड में सुनील के साथ किसी और का हाथ भी सामने आया है। दूसरा आरोपी मृतका का बेहद करीबी है। हत्या के बाद उसने भी सुनील की तरह सबको गुमराह किया। आरोपी सुनील तो भाग गया था, लेकिन दूसरा आरोपी परिवार के साथ ही रहा। वो उनके दुख में शामिल होने का नाटक करता रहा। पुलिस अब दूसरे आरोपी के खिलाफ सुबूत जुटा रही है। पुख्ता साक्ष्य मिलते ही उसकी गिरफ्तारी की जाएगी। पुरानी रंजिश नहीं थी हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि बच्ची की हत्या की वजह सुनील के साथ 10 दिन पहले किराए को लेकर हुआ विवाद नहीं था। बल्कि इसके पीछे दूसरी वजह है। पुलिस को हत्या के बाद से उस वजह को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही थी।

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