रामपुर के मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में “विकसित भारत-2047” विषय पर एक दिवसीय तकनीकी कार्यशाला आयोजित की गई। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट कहे जाने वाले इस विश्वविद्यालय के कृषि संकाय में आयोजित इस कार्यशाला का संचालन कैम कैड सेंटर, रामपुर ने किया। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), आभासी वास्तविकता (वीआर) और 3डी प्रिंटिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कार्यशाला का शुभारंभ वृक्षारोपण के साथ हुआ, जिसने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। डीन कृषि डॉ. गुलअफ्शा ने पुष्पगुच्छ देकर अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर डायरेक्टर विकास कुमार गौतम ने “कृत्रिम बुद्धिमत्ता: उपयोग और दुरुपयोग” विषय पर अपने विचार रखे। गौतम ने बताया कि एआई ने शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और दैनिक जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन लाए हैं, जिससे कार्यों की गति और दक्षता में वृद्धि हुई है। हालांकि, उन्होंने इसके दुरुपयोग को लेकर चिंता व्यक्त की और साइबर अपराध, डेटा चोरी तथा फेक सूचना को बड़ी चुनौती बताया।
कार्यशाला में आमंत्रित वक्ताओं अरमान, सिमरनजीत, सचिन और मोहिउद्दीन ने तकनीकी नवाचारों के व्यावहारिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को आधुनिक तकनीकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया। कुलपति प्रोफेसर ज़हीरुद्दीन ने अपने संबोधन में कहा कि एआई मानव सोच को नई दिशा देने वाली शक्ति है। उन्होंने इसके संतुलित और नैतिक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। प्रोफेसर ज़हीरुद्दीन ने आगे कहा कि एआई, वीआर और 3डी प्रिंटिंग जैसी तकनीकें “विकसित भारत” के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। कार्यक्रम का संचालन मिस रबिया खान ने किया और अंत में डॉ. मोहम्मद अब्बास ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस कार्यशाला में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के शिक्षक, छात्र और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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