मेरठ में एक 45 वर्षीय व्यक्ति ने पड़ोस की नाबालिग लड़की का अपहरण करने के लिए सुनियोजित साजिश रची। आरोपी ने किशोरी को हिमाचल प्रदेश ले जाकर बंधक बनाया और पुलिस के शक से बचने के लिए एक पुराने मामले में अपनी जमानत तुड़वाकर खुद जेल चला गया। 23 दिन बाद पुलिस ने कॉल डिटेल्स के आधार पर किशोरी को हिमाचल प्रदेश से बरामद कर लिया। इस साजिश में शामिल अन्य कई लोगों की भी पहचान की गई है। पुलिस के अनुसार, सदर बाजार थाना क्षेत्र के रजबन निवासी आरोपी जॉन पहले भी कई युवतियों को अपने प्रेमजाल में फंसा चुका है। कुछ समय पहले उसने पीड़ित परिवार से नजदीकियां बढ़ाईं और अपनी पत्नी के साथ उनकी बेटियों को मसूरी घुमाने ले गया। इसी दौरान उसने नाबालिग को अपने झांसे में ले लिया। 5 मार्च को आरोपी ने किशोरी को भैंसाली बस अड्डे पर बुलाया। वहां से उसे अपने साथी की कार में बैठाकर हिमाचल प्रदेश ले गया, जहां एक परिचित के घर में बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान आरोपी ने अपना मोबाइल बंद कर लिया और लोकेशन भटकाने के लिए नोएडा के चक्कर भी लगाए। आरोपी खुद पीड़ित परिवार के साथ मिलकर लड़की की तलाश में शामिल होता रहा, ताकि उस पर किसी को शक न हो। उसने अपने घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए थे, जिससे वह पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख सके। पुलिस को आरोपी की संदिग्ध गतिविधियों पर शक होने के बाद जांच तेज की गई। आरोपी के संपर्कों और मोबाइल नंबरों की जांच के आधार पर पुलिस टीम हिमाचल पहुंची। वहां एक मकान में किशोरी को बंधक बनाकर रखा गया था, जिसे पुलिस ने मुक्त कराकर मेरठ वापस लाया। पुलिस अब आरोपी और उसके साथियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। किशोरी के बयान दर्ज करने के बाद उसे उसके परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

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