आगरा डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में शनिवार को जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक हुई। इसमें उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी स्कूल संचालक व प्रिंसिपल को अपने स्कूल की ऑफिशियल वेबसाइट पर स्कूल फीस की पूरी डिटेल देनी होगी। इतना ही नहीं, वेबसाइट पर स्टडी टूर, परिवहन, व्यक्तिगत क्रिया कलाप आदि सभी प्रकार के शुल्क तथा प्रिंसिपल का टेलीफोन नंबर भी अपटेड करना होगा।
बैठक में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) एक्ट 2009 तथा उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र स्कूल (शुल्क विनियमन) अधिनियम-218 के अंतर्गत प्रकरणों पर विचार किया गया। अब विस्तार से पढ़िये…
अधिकांश स्कूलों की फीस बढ़ाने और नई किताब व ड्रेस के लिए प्रेशर बनाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इस पर डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में नया शुल्क न लगाने, उपभोक्ता सूचकांक के आधार पर शुल्क नियामक समिति के अनुमोदन के बाद नियमानुसार ही फीस में बढ़ाने, प्रत्येक वर्ष अनावश्यक रूप से यूनिफार्म में बदलाव न करने, स्कूल होलोग्राम युक्त टेक्स्ट बुक/कॉपी खरीद व विशिष्ट दुकान से ही खरीद के लिए बाध्य न करने पर डीएम ने आदेश दिए। डीएम ने दिए कड़े निर्देश
यदि छात्र-छात्राओं पर पुरानी पाट्ठय पुस्तक है तो उन्हें नई किताबें खरीदने को नहीं कहा जायेगा। डीएम ने कड़े निर्देश दिए कि स्कूलों द्वारा किसी एक दुकान पर विद्यालय के लोगोयुक्त यूनिफार्म की मोनोपोली न हो सुनिश्चित किया जाए, लोगो हर जगह शुलभ और उपलब्ध हो, जिससे अभिभावकों द्वारा कहीं भी आसानी से यूनिफार्म मिल सके। डीएम ने ये भी दिए निर्देश
बैठक में डीएम ने कहा-नियम के विपरीत अलग से पाठ्यक्रम में पुस्तकें न जोड़ी जाए तथा कक्षा 1 से 8 तक तथा अन्य उच्च कक्षाओं का परिसर अलग-अलग रखा जाए। बैठक में 18 साल से कम उम्र के छात्र-छात्राओं द्वारा वाहन लेकर स्कूल में प्रवेश देने पर सम्बन्धित स्कूल के प्रिंसिपल की जवाबदेही तय की जायेगी।
डीएम ने कहा-निर्देशों का अनुपालन न होने पर सम्बन्धित के खिलाफ एफआईआर, मान्यता रद्द तथा जुर्माने की कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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