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आरोपी किराएदार के एनकाउंटर पर बच्ची के परिजन बोले-इंसाफ मिला:अम्मा ने कहा- अब सुकून मिला है, पुलिस ने अच्छा काम किया

आगरा में 8 साल की बच्ची की हत्या कर शव को आटे के कनस्तर में बंद कर फरार हुए आरोपी सुनील को पुलिस ने शनिवार सुबह एनकाउंटर में ढेर कर दिया। पुलिस की कार्रवाई पर मृतका के परिजनों ने संतोष जाहिर किया है। उनका कहना है कि उनको न्याय मिला है। हालांकि सुबह एनकाउंटर के बाद परिजन और स्थानीय लोग आरोपी की डेड बॉडी देखने की मांग करने लगे। इसको लेकर उन्होंने प्रदर्शन भी किया।
दादी बोली- हमें इंसाफ मिला
मृतक का फोटो देखकर मृतका की दादी ने पुलिस का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहाकि आरोपी का एनकाउंटर से बहुत खुश हैं। अब जाकर उनको सुकून मिला है। उनकी बेटी को न्याय मिला। पुलिस ने उनका बहुत साथ दिया। वहीं, पिता ने कहाकि जिस तरह से मेरी बेटी तड़पी थी, वैसे ही हम आरोपी को हश्र चाहते थे। पुलिस एनकाउंटर में उसके गोली लगी। उसकी लाश देखकर राहत मिली है। बेटी को इंसाफ मिला है। अगर, वो जिंदा रहता तो भविष्य में भी कोई घटना कर सकता था। आरोपी का चेहरा देखने की मांग
आरोपी सुनील के एनकाउंटर के बाद मृतक बच्ची के परिजनों ने पुलिस से डेड बॉडी दिखाने की मांग की। उनका कहना था कि पुलिस हमें मृतक का चेहरा दिखाए। चेहरा देखकर ही यकीन होगा कि आरोपी का ही एनकाउंटर हुआ है। लोगों ने हंगामा भी किया। नारेबाजी भी की। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने लोगों को समझाया। इसके बाद मृतक का फोटो दिखाकर ही लोग शांत हुए। परिजनों को डेड बॉडी दिखाई।
एनकाउंटर स्पॉट की 3 तस्वीरें देखिए- मां पुलिस से बोली- आरोपी का चेहरा दिखाइए तब यकीन होगा
हत्यारोपी सुनील के एनकाउंटर के बाद मृतक बच्ची की मां ने पुलिस से कहा- हमें आरोपी की डेडबॉडी दिखाइए तब यकीन होगा कि उसका एनकाउंटर हुआ है। इसके बाद परिवार के लोगों ने हंगामा किया। पुलिस ने लोगों को समझाया और फोटो दिखाई तब जाकर सभी शांत हुए। दादी ने कहा- हमें इंसाफ मिला
हत्यारोपी सुनील की फोटो देखकर मृतका की दादी ने पुलिस का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि आरोपी के एनकाउंटर से बहुत खुश हैं। अब जाकर उनको सुकून मिला है। उनकी बेटी को न्याय मिला। पुलिस ने उनका बहुत साथ दिया। सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला पढ़िए- घर के बाहर से लापता हुई थी बच्ची
सिद्धार्थ नगर गोबर चौकी के रहने वाले कारोबारी का जूते का कारखाना है। कारोबारी के इलाके में 2 मकान हैं। एक घर में वो, पत्नी और 2 बेटियों के साथ रहते हैं। ठीक सामने वाले मकान के ग्राउंड फ्लोर पर फैक्ट्री और गोदाम है। घर के ऊपर एक कमरा किराए पर दे रखा है। इसमें आरोपी पेंटर सुनील रहता था। उन्होंने बताया था कि सुनील पूरे परिवार के साथ ही मोहल्ले में रहता था। कोविड काल के दौरान उसने 25 लाख रुपए में अपना मकान बेच दिया था। इसके बाद किराए पर रह रहे थे। करीब एक साल पहले सुनील के माता-पिता हमारे यहां किराए पर रहने आए थे। तब सुनील उनके साथ नहीं था। मगर, पिछले कुछ समय से सुनील भी यहां आकर रहने लगा था। किराया 2200 रुपए देते थे। कारोबारी ने बताया था- मंगलवार दोपहर 2 बजे मोहल्ले के कुछ बच्चे आए। बड़ी बेटी उनके साथ खेलने चली गई। काफी देर तक वह दिखाई नहीं दी तो मुझे लगा ट्यूशन पढ़ने चली गई होगी। शाम के 4:30 बजे तक लौटी नहीं तो उसकी मां को चिंता हुई। फिर हम लोगों ने तलाश शुरू की। ट्यूशन टीचर को फोन कर पूछा। उन्होंने बताया कि बेटी आज आई ही नहीं थी। पुलिस ने 4 टीमें बनाई थीं, मोहल्ले के CCTV खंगाले थे
पिता ने बताया था- मैंने पुलिस को सूचना दी। मोहल्ले के लोगों के साथ हम बेटी को आसपास खोजते रहे। पुलिस ने गलियों में लगे CCTV खंगाले। इसमें दोपहर 2:00 बजे बेटी गली के बाहर एक दुकान पर चिप्स का पैकेट लेती नजर आई। फिर वह वहां से वापस जाती दिखी। पुलिस ने देर शाम मेरी तहरीर पर अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कर ली। ACP पीयूष कांत राय के नेतृत्व में 4 टीमें बनाईं। पुलिस की एक टीम घर के आसपास के कैमरे देख रही थी। दूसरी टीम घरवालों से बातचीत और पड़ोसियों से पूछताछ कर रही थी। गुमशुदगी दर्ज कराने थाने तक गया किराएदार, फिर लापता हो गया था
पिता ने बताया था कि तीसरी टीम घरों की तलाशी में लग गई। पुलिस ने मोहल्ले के हर घर की तलाशी ली, मगर बच्ची का कोई सुराग नहीं लगा। इसी बीच, मैंने पुलिस को बताया कि किराएदार सुनील बच्ची के लापता होने के बाद से हमारे साथ था। वह भी बच्ची को तलाश रहा था। वह मेरे साथ गुमशुदगी दर्ज कराने थाने भी गया था। उन्होंने बताया था कि जब पुलिस मोहल्ले के घरों की जांच करने लगी तो सुनील दिखाई नहीं दिया। वह अपने कमरे पर ताला लगाकर चला गया। मेरे शक जाहिर करने पर पुलिस ने बुधवार रात 8 बजे किराएदार के कमरे का ताला तोड़ा। इसके बाद कमरे की तलाशी ली गई, तो कनस्तर में बेटी की लाश मिली। ऊपर आटे की बोरी रखी थी। उसके ऊपर एक लाल रंग की रजाई रखी थी। 30 मिनट तक भीड़ का हंगामा, सड़क पर पत्थर फेंके
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया था- छानबीन के दौरान बच्ची का शव कमरे में रखे छोटे आटे के कनस्तर में मिला। जब पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाने लगी तो घरवालों और मोहल्ले के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया था। हालांकि, पुलिस कनस्तर समेत शव को ले गई। इसके बाद लोग सड़क पर उतर आए और फतेहाबाद रोड के मुगल पुलिया पर जाम लगा दिया। करीब 30 मिनट तक हंगामा चला। DCP ने परिवार को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया था।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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