वाराणसी मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने शनिवार को चंदौली कलेक्ट्रेट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कई अनुभागों में बड़े पैमाने पर खामियां मिलीं। कमिश्नर के अचानक पहुंचने से अधिकारियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान, जीपीएफ पासबुक अपडेट न होने और कर्मचारियों की सेवा सत्यापन में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। विशेष रूप से, वर्ष 2024 के बाद के कर्मचारियों की सेवा का सत्यापन न होने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
कमिश्नर ने एडीएम न्यायिक के न्यायालय, नजारत अनुभाग, अभिलेखागार और भूलेख अनुभाग सहित कई पटलों का गहन निरीक्षण किया। अभिलेखागार में भूलेख, नकल व नक्शा पटल के निरीक्षण में नक्शा और नकल देने में भी अनियमितता पाई गई। इन लापरवाहियों के मद्देनजर, कमिश्नर ने प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट (ओसी) विनय कुमार को स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया। साथ ही, कलेक्ट्रेट के नाजीर आशीष सिंह को भविष्य में दोबारा गलती न करने के लिए प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाओं के रखरखाव और सेवानिवृत्त कर्मियों के लाभों के भुगतान संबंधी जानकारी भी ली।
मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने अधिकारियों और कर्मचारियों को आम जनता की शिकायतों का प्राथमिकता और समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि उन्हें किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। इस दौरान जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, सीडीओ आर जगत साईं, एडीएम रतन वर्मा, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट विजय कुमार, एसडीएम दिव्या ओझा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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