संभल में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दायर की गई है। इस मामले की सुनवाई 10 अप्रैल को होगी। तहसीलदार न्यायालय ने दो बीघा भूमि को सरकारी घोषित करते हुए कब्जा हटाने और सात करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। संभल जनपद के पंवासा ब्लॉक स्थित सैफ खां सराय गांव का है। तहसीलदार न्यायालय ने 9 मार्च को गाटा संख्या 452 की 0.1340 हेक्टेयर (दो बीघा) भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर आदेश जारी किया था। इसमें अवैध कब्जा हटाकर सरकारी भूमि खाली करने को कहा गया था। अधिवक्ता माधव मिश्रा ने बताया कि तहसीलदार न्यायालय के इस आदेश के खिलाफ जिलाधिकारी न्यायालय में अपील की गई है। लेखपाल राहुल धारीवाल की आख्या के अनुसार आफताब हुसैन वारसी और उनके भाई मेहताब हुसैन पर इस भूमि पर कब्जा करने का आरोप है। विवादित दो बीघा भूमि का अनुमानित मूल्य लगभग 6 करोड़ 94 लाख 19 हजार रुपये बताया जा रहा है। इमाम आफताब हुसैन और उनके भाई मेहताब हुसैन पर सरकारी भूमि पर पक्का मकान, मस्जिद और दरगाह का निर्माण करने का आरोप है। क्षेत्रीय लेखपाल राहुल धारीवाल ने 24 जून 2025 को इस संबंध में आख्या प्रस्तुत की थी, जिसके बाद ग्राम सभा बनाम आफताब हुसैन के नाम से वाद दायर किया गया और नोटिस जारी हुए। प्रतिवादी पक्ष ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय का रुख किया था, लेकिन वहां से कोई आदेश नहीं मिला। तहसीलदार न्यायालय ने अपने आदेश में अपील के लिए समय दिया था। 30 जून को ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा करने के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। 18 जुलाई को आफताब हुसैन एवं उनके भाई की तरफ से प्रतिवाद दाखिल किया गया, 07 मार्च 2026 को बहस हुई। प्रतिवादी पक्ष ने कहा कि 15 जून 1972 में भी बेदखली का नोटिस मिला था, लेकिन बाद में प्रशासन ने उसे वापस लें लिया था, अब फिर 20 साल पुराना निर्माण बताकर झूठी आख्या दी ही है, उन्होंने कहा कि समस्त निर्णय निर्माण वक्फ संख्या 3037 वक्फ एक्ट 43 सन् 1995 के अंतर्गत यूपी सुन्नी सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड में एक अरसे से दर्ज है।

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