जिले में पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल भले ही मौजूद है लेकिन किसानों को नहीं मिल पा रहा है क्योंकि किसानों को इंजन चलना है ऐसे में डिब्बों में भी तेल नहीं दिया जा रहा है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों खेती-किसानी करने वाले किसानों के सामने डीजल की समस्या गंभीर रूप लेती जा रही है। शासन के निर्देश के बाद पेट्रोल पंपों पर डिब्बों और बोतलों में डीजल-पेट्रोल देने पर रोक लगा दी गई है,जिसके चलते किसान खासे परेशान हैं।जबकि जिले में डीजल की कोई कमी नहीं है,फिर भी छोटे स्तर पर खेती करने वाले किसानों को सबसे ज्यादा दिक्कत उठानी पड़ रही है। इस समय रबी सीजन की फसल सरसों की मड़ाई जोरों पर है,वहीं दूसरी ओर किसान उड़द और मूंग की बुवाई में भी जुटे हैं। इन कार्यों के लिए खेतों की सिंचाई जरूरी है,जिसके लिए डीजल इंजन का सहारा लिया जाता है। लेकिन डिब्बों में डीजल न मिलने के कारण किसान अपने इंजन नहीं चला पा रहे हैं, जिससे उनकी खेती प्रभावित हो रही है। बल्दीराय क्षेत्र के रैचा गांव निवासी किसान ओम प्रकाश ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि वह पिछले तीन दिनों से 2लीटर डीजल के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने कई पेट्रोल पंपों के चक्कर लगाए, लेकिन कहीं भी उन्हें डिब्बे में डीजल नहीं मिला। मजबूर होकर वह कुमारगंज थाने पहुंचे और प्रभारी निरीक्षक से पर्ची देने की गुहार लगाई, ताकि उन्हें डीजल मिल सके। भावुक किसान ओम प्रकाश ने बताया कि बिना सिंचाई के उनके उड़द की बुवाई नहीं हो पा रही है।हालांकि पुलिस ने स्पष्ट कर दिया कि वे इस तरह की कोई पर्ची जारी नहीं कर सकते।वहीं पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि जिला प्रशासन के सख्त निर्देश हैं कि किसी भी हालत में डिब्बे या ड्राम में डीजल-पेट्रोल नहीं दिया जाएगा।आदेश का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इस स्थिति ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। किसान अब प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ताकि उन्हें सीमित मात्रा में ही सही,लेकिन डीजल उपलब्ध कराया जा सके और उनकी खेती का काम सुचारु रूप से चल सके।

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