उत्तर प्रदेश में अयोध्या, काशी और मथुरा की तर्ज पर संभल के विकास की तैयारी को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रयागराज में किसान नेता राकेश टिकैत ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर विकास होता है तो उसमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन इसके पीछे राजनीति भी साफ नजर आ रही है। टिकैत ने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि संभल में “हिंदू-मुस्लिम ट्रायल” चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रयोग आगे भी जारी रहेगा और संभल के बाद मथुरा में भी इसी तरह का माहौल बनाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव में संभल और मथुरा को बड़ा चुनावी मुद्दा बना सकती है।
किसान यूनियन के रुख को लेकर पूछे गए सवाल पर टिकैत ने स्पष्ट किया कि वह एक मतदाता के रूप में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे, लेकिन भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता स्वतंत्र हैं और वे अपनी इच्छा से जहां चाहें वोट कर सकते हैं। टिकैत ने यह भी आरोप लगाया कि 2027 के चुनाव में जीत हासिल करने के लिए भाजपा कोई न कोई नया हथकंडा अपनाएगी। उनके मुताबिक, चुनावी रणनीति में हिंदू-मुस्लिम मुद्दे को फिर से उभारा जा सकता है। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में रामनवमी जुलूस के दौरान हुई हिंसा का जिक्र करते हुए टिकैत ने कहा कि वहां भी इसी तरह का “ट्रायल” किया जा रहा है। उनका कहना है कि जहां-जहां चुनाव होते हैं, वहां इस तरह के मुद्दों को उछाला जाता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा इन रणनीतियों में सफल होगी या नहीं, यह तो चुनाव परिणाम ही बताएंगे, लेकिन अब जनता इन राजनीतिक चालों को समझने लगी है। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम समाज भी अब जागरूक हो चुका है और उनके बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। टिकैत ने कहा कि यही कारण है कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) जैसी परीक्षाओं में मुस्लिम समुदाय के छात्रों की सफलता लगातार बढ़ रही है, जो समाज में बदलाव का संकेत है।

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