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ईरान जंग में लगा था अमेरिका, इधर रूस ने यूक्रेन में ब्रुसिवका पर कर लिया कब्जा

अमेरिका-ईरान और इजरायल के बीच चल रही जंग में 29 दिन में प्रवेश कर चुकी है। इजरायल ने एक बार फिर ईरान के अंदर कई अहम ठिकानों पर हमले किए, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल के साथ-साथ संयुक्त अरब अमीरात को भी निशाना बनाया। यूएई में इंटरसेप्ट किए गए एक मिसाइल के मलबे गिरने से कम से कम दो लोगों की मौत हो गई। इधर अमेरिका ईरान संग जंग में फंसा है। उधर रूस ने यूक्रेन में नए प्लान को अंजाम दे दिया है। रूसी सेना ने पूर्वी यूक्रेन में ब्रुसिवका पर कब्जा करने का दावा किया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को एक नया बयान जारी कर दावा किया कि उसकी सेनाओं ने यूक्रेन के पूर्वी डोनेट्स्क क्षेत्र में स्थित ब्रुसिवका गांव पर नियंत्रण कर लिया है। बयान के कुछ अंश हाल ही में रूसी सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए द्वारा प्रकाशित किए गए थे। यह अधिग्रहण रूस-यूक्रेन युद्ध में नवीनतम घटनाक्रम है।

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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के उस दावे को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन किसी युद्धविराम योजना के तहत अमेरिकी सुरक्षा गारंटी के बदले यूक्रेन से उसके पूर्वी डोनबास क्षेत्र को रूस को सौंपने की मांग कर रहा है। फ्रांस में जी-7 की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने जेलेंस्की की हालिया टिप्पणी का खंडन करते हुए कहा कि अमेरिका ने यूक्रेन के साथ बातचीत में ऐसी कोई शर्त नहीं रखी है। रुबियो ने कहा, “यह झूठ है। वह (जेलेंस्की) अच्छी तरह जानते हैं कि यह सत्य नहीं है और उनसे ऐसा कुछ नहीं कहा गया।” इस सप्ताह प्रकाशित एक साक्षात्कार में जेलेंस्की ने ‘रॉयटर्स’ से कहा था कि अमेरिका, यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने के प्रस्ताव को डोनबास क्षेत्र छोड़ने की शर्त से जोड़ रहा है। डोनबास यूक्रेन का औद्योगिक केंद्र है, जिस पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन लंबे समय से नजर रखे हुए हैं। रूस की सेना इस क्षेत्र के अधिकांश हिस्से पर कब्जा कर चुकी है, हालांकि वह अब तक अग्रिम मोर्चे के सबसे मजबूत किलेबंद हिस्सों में से एक भूभाग पर पूरी तरह कब्जा नहीं कर पाई है। 

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि खाड़ी संघर्ष के दोषियों सहित कोई भी व्यक्ति दुनिया पर पड़ने वाले इसके गंभीर परिणामों का अनुमान नहीं लगा सकता है और इसकी तुलना केवल कोविड महामारी से ही की जा सकती है। शक्तिशाली उद्योगपतियों और उद्यमियों के संघ (आरएसपीपी) के सम्मेलन में उपस्थित प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए रूसी नेता ने कहा कि ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले से भड़के संघर्ष के बढ़ने से उद्योगों की एक विस्तृत श्रृंखला खतरे में पड़ गई है और यह कहना मुश्किल है कि आगे इसके क्या परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष मौजूदा स्थिति को तेजी से प्रभावित कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय रसद, विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखलाओं में महत्वपूर्ण व्यवधान पैदा कर रहा है।’’ अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ संयुक्त हमले शुरू किए, जिसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की और युद्ध पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैल गया। होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व की ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मार्ग है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन का कहना है कि खाड़ी संघर्ष के परिणाम दुनिया के लिए अप्रत्याशित हैं।
Source: Prabha Sakshi via DNI News (Prayagraj)

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