विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत सुनवाई पूरी हो चुकी है। गोरखपुर में 2 लाख 31 हजार नए मतदाता जुड़ेंगे। प्रशासन का दावा है कि अंतिम तिथि तक सभी लंबित मामलों की सुनवाई कर ली गई है। लगभग 9 लाख 99 हजार 584 वोटरों के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया है। उनके मामले निस्तारित किए गए।
इस दौरान तार्किकक विसंगतियों वाले और बिना मैपिंग मतदाताओं से उनके निवास और आयु संबंधी प्रमाण पत्र जमा कराए गए। अंतिम चरण में आधार कार्ड को भी वैध दस्तवेज के रूप में स्वीकार करने से मतदाताओं को काफी सहूलियत हुई। बीएलओ ने मौके पर ही दस्तावेजों की ऑलनाइल फीडिंग की। इससे जो लोग पहले से छूट गए हैं, उन्हें भी मताधिकार प्राप्त हो सकेगा। 18 अप्रैल को हागा अंतिम प्रकाशन भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 10 अप्रैल को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। जिले में लगभग 2.83 लाख ऐसे मतदाता चिन्हित किए गए थे, जिनके नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं थे। इन्हें सुनवाई के दौरान अपने माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी के नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज होने का प्रमाण प्रस्तुत करने थे। इसके अलावा उम्र, नाम और अन्य त्रुटियों को तार्किक विसंगतियों की श्रेणी में रखते हुए साफ्टवेयर के माध्यम से सुधार के लिए नोटिस जारी किए गए। कुल 9,99,584 मतदाताओं को इस संबंध में नोटिस भेजे गए। अभियान के दौरान नए नाम जोड़ने के लिए करीब 2.31 लाख लोगों ने फार्म-6 भरा है, जबकि नाम हटाने के लिए लगभग सात हजार आवेदन प्राप्त हुए। नाम, पता एवं अन्य संशोधनों के लिए 43 हजार लोगों ने फार्म-8 जमा किया। इस प्रक्रिया में ऐसे मतदाताओं के नाम भी सूची से हटाए गए, जो स्थान बदलने के बाद भी सूची में बने हुए थे, जिससे फर्जी मतदान की आशंका में कमी आएगी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम वित्त व राजस्व विनीत कुमार सिंह ने बताया कि सुनवाई की अंतिम तिथि तक बिना मैपिंग एवं तार्किक विसंगतियों वाले सभ्ज्ञी मतदाताओं के दस्तावेज मिल गए हैं। समय से मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा।

Leave a Reply