यूपी के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन 28 मार्च (शनिवार) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। पीएम मोदी शनिवार सुबह करीब 11 बजे एयरपोर्ट पहुंचेंगे। आधे घंटे तक एयरपोर्ट का निरीक्षण करेंगे। दोपहर 12 बजे एयरपोर्ट के फेज-1 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर पीएम एक सभा को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री की उपस्थिति के मद्देनजर पूरे क्षेत्र को 5-स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है। एयरपोर्ट की ये तस्वीरें देखिए…
200 मीटर लंबा पंडाल, 10 फीट ऊंचा मंच
प्रधानमंत्री की जनसभा के लिए 200 मीटर का पंडाल तैयार किया गया है। यहां 10 फीट ऊंचा मंच बनाया गया है। यहां आम लोगों समेत वीवीआईपी और वीआईपी के लिए करीब 60 हजार कुर्सियां और सोफे लगाए गए हैं। जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु, सांसद डॉ. महेश शर्मा, विधायक धीरेंद्र सिंह और पंकज सिंह,तेजपाल नागर समेत कई वीआईपी और वीवीआईपी शामिल होंगे। कार्यक्रम के लिए चरणबद्ध तरीके से सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। यमुना एक्सप्रेस-वे और परी चौक जैसे प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। कार्यक्रम स्थल पर 300 हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जा रही है। पांच लेयर का सुरक्षा घेरा नोएडा के जॉइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे क्षेत्र में मल्टी लेयर सिक्योरिटी आर्किटेक्चर के तहत 5 सुरक्षा रिंग बनाईं गईं। एसपीजी के साथ निरंतर समन्वय रखते हुए सभी एंट्री प्वाइंट्स पर सघन चेकिंग, बैगेज स्क्रीनिंग और पहचान सत्यापन किया जा रहा है। 100 से अधिक प्रवेश द्वारों पर 200 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाए गए, जबकि महिलाओं के लिए अलग चेकिंग एन्क्लोजर की व्यवस्था की गई। एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में 5 हजार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था में UP पुलिस, PAC, RAF, ATS और CISF की संयुक्त तैनाती की गई। सुरक्षा का मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है। अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। एयरपोर्ट के उद्घाटन से पहले एसपीजी और केंद्रीय एजेंसियां पूरे क्षेत्र में व्यवस्था जांचेंगी। एयरपोर्ट के आसपास की इमारतों पर भी हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। 10 पॉइंट में जानिए सुरक्षा घेरा प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के लिए बनाए गए हेलीपैड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए हेलीपैड बनाए गए हैं। कुल 5 हेलीपैड बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री के लिए तीन हेलीपैड हैं। मुख्यमंत्री और अन्य वीवीआईपी के लिए लिए 1-1 हेलीपैड बनाए गए हैं। अब एयरपोर्ट के बारे में जान लीजिए करीब 1334 हेक्टेयर में फैला यह एयरपोर्ट एरिया के हिसाब से देश का चौथा बड़ा एयरपोर्ट होगा। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि एंट्री के बाद 20 मिनट से कम में बोर्डिंग संभव है। सुरक्षा जांच के बाद करीब 60 मीटर का कॉरिडोर पार करना होगा। ऐसे में एंट्री से बोर्डिंग गेट तक 20 मिनट में पहुंच सकते हैं। अगर, दिल्ली से तुलना करें तो, टी3 एंट्री से लेकर बोर्डिंग तक करीब 15-30 मिनट की वॉकिंग है। सूत्रों के मुताबिक शुरू में मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, लखनऊ,वाराणसी, जयपुर, चेन्नई, पटना, अहमदाबाद, श्रीनगर की उड़ान शुरू हो सकती हैं। एयरपोर्ट दिन में ही ऑपरेशनल रहेगा। फिर रात की फ्लाइट शुरू होंगी। विदेशी उड़ानों को इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी- एयरोड्रोम सिक्योरिटी प्रोग्राम की मंजूरी बाकी है। 1. टर्मिनल बिल्डिंग 2. एंट्री गेट 3. डिपार्चर एरिया 4. सेल्फ बैगेज ड्रॉप फैसिलिटी 5. सिक्योरिटी चेक 6. बोर्डिंग एरिया 7. लाउंज एरिया 8. टेंपल ऑफ बेल्स 9. एयरोब्रिज 10. सुरक्षा रनवे के लिहाज से एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 5 रनवे बनाए जाने हैं। यहां छठवां रनवे भी बनाया जा सकता है। इसके बाद ये एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का छठवें नंबर का एयरपोर्ट होगा। रनवे के लिहाज से एशिया में चीन का शंघाई पुडोंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट सबसे बड़ा है।
एरिया के लिहाज से भी एशिया में सबसे बड़ा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कुल 52 स्क्वायर किमी में बनना प्रस्तावित है। अगर ऐसा हुआ तो एरिया वाइज भी ये एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा। अभी एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट चीन का बीजिंग डेक्सिंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। इसका एरिया 47 स्क्वायर किमी है।
दूसरा फेज पूरा होते ही देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा नोएडा एयरपोर्ट के पहले स्टेज के लिए यमुना डेवलपमेंट अथॉरिटी ने 3300 एकड़ जमीन अलॉट की है। ये एरिया करीब 13.35 स्क्वायर किमी है। दूसरे स्टेज में एयरपोर्ट का कुल एरिया बढ़कर करीब 7200 एकड़ या 29 स्क्वायर किमी हो जाएगा। अभी देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट हैदराबाद का राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट है, जो करीब 5500 एकड़ यानी 22.25 स्क्वायर किमी में बना है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फ्लाइट मई से शुरू हो सकती है। नोएडा एयरपोर्ट अथॉरिटी से जुड़े अफसरों ने बताया कि किराया अभी तय नहीं है, लेकिन ये दिल्ली एयरपोर्ट मुकाबले कम हो सकता है क्योंकि यहां एयरलाइंस के लिए डेवलपमेंट चार्ज कम रखा गया है। यहां से विदेशी उड़ानों के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी-एयरोड्रोम सिक्योरिटी प्रोग्राम की मंजूरी मिलनी बाकी है।

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