प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च (शनिवार) को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्धाटन करेंगे। पीएम सुबह करीब 11:30 बजे टर्मिनल बिल्डिंग का निरीक्षण करेंगे। दोपहर 12 बजे एयरपोर्ट के फेज-1 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर लगभग 11,200 करोड़ रुपए के निवेश से तैयार किया गया है। ये एयरपोर्ट NCR को दुनिया के प्रमुख एविएशन हब में बदलने में अहम भूमिका निभाएगा। शुरुआत में देश के 45 शहरों के लिए करीब 65 कॉमर्शियल फ्लाइटें शुरू होंगी। एयरपोर्ट से सितंबर में इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू होनी हैं… पहले एयरपोर्ट की ये तस्वीरें देखिए… पीएम मोदी ने 25 नवंबर 2021 में किया था शिलान्यास एयरपोर्ट का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर 2021 में किया था। स्विस कंपनी ज्यूरिख इंटरनेशनल को इस एयरपोर्ट का बनाने का टेंडर मिला था। नोएडा एयरपोर्ट के पहले फेज के तहत 1334 हेक्टेयर में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। एयरपोर्ट के फर्स्ट फेज की लागत करीब 11 हजार करोड़ है। सभी 4 फेज का काम पूरा हो जाने के बाद ये एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का छठा बड़ा एयरपोर्ट होगा। अब एयरपोर्ट के बारे में जान लीजिए करीब 1334 हेक्टेयर में फैला यह एयरपोर्ट एरिया के हिसाब से देश का चौथा बड़ा एयरपोर्ट होगा। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि एंट्री के बाद 20 मिनट से कम में बोर्डिंग संभव है। सुरक्षा जांच के बाद करीब 60 मीटर का कॉरिडोर पार करना होगा। ऐसे में एंट्री से बोर्डिंग गेट तक 20 मिनट में पहुंच सकते हैं। अगर, दिल्ली से तुलना करें तो, टी3 एंट्री से लेकर बोर्डिंग तक करीब 15-30 मिनट की वॉकिंग है। सूत्रों के मुताबिक शुरू में मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, लखनऊ,वाराणसी, जयपुर, चेन्नई, पटना, अहमदाबाद, श्रीनगर की उड़ान शुरू हो सकती हैं। विदेशी उड़ानों को अभी इंतजार करना पड़ेगा। 1. टर्मिनल बिल्डिंग 2. एंट्री गेट 3. डिपार्चर एरिया 4. सेल्फ बैगेज ड्रॉप फैसिलिटी 5. सिक्योरिटी चेक 6. बोर्डिंग एरिया 7. लाउंज एरिया 8. टेंपल ऑफ बेल्स 9. एयरोब्रिज 10. सुरक्षा एक घंटे में 30 विमान का संचालन संभव
एयरपोर्ट को पूरी क्षमता से संचालित किए जाने पर यहां एक घंटे में करीब 30 विमान लैंडिंग और टेकऑफ कर सकेंगे। उद्घाटन के बाद तकनीकी टीम इसके लिए ट्रायल और ऑपरेशनल टेस्टिंग शुरू करेगी। जेवर एयरपोर्ट पर लगाया गया ILS कैट-III सिस्टम इतना हाईटेक है कि पायलट कम विजिबिलिटी में भी विमान उतार सकते हैं। विदेशों में शिकागो ओ”हेयर (ओआरडी), लॉस एंजिल्स (एलएएक्स) और सैन फ्रांसिस्को (एसएफओ) पर समानांतर उड़ान और लैंडिंग की सुविधा है। सैन फ्रांसिस्को में 750 फीट की दूरी पर स्थित रनवे 28 एल और 28 आर पर एक साथ उड़ान और लैंडिंग की जाती है। अब नोएडा एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी के बारे में जानिए एयरपोर्ट से लास्ट माइल कनेक्टिविटी
प्रमुख माइलस्टोन्स की क्रोनोलॉजी जानिए एयरपोर्ट से यूपी को कितने हिस्से को फायदा
उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के लिए हवाई सेवा का ट्रांजिट पॉइंट बन सकता है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा के करीब रहने वाली बड़ी जनसंख्या इस एयरपोर्ट का इस्तेमाल करेगी। इसके अलावा अलीगढ़, बुलंदशहर, मेरठ, मथुरा, आगरा समेत अन्य जिलों के लोगों के लिए यह एयरपोर्ट अहम साबित होगा। वहीं, दिल्ली एयरपोर्ट पर ट्रैफिक और भीड़ के मद्देनजर नोएडा एयरपोर्ट दिल्ली और गुरुग्राम के निवासियों के लिए भी अहम ट्रांजिट पॉइंट बनकर उभर सकता है। ———————– ये खबर भी पढ़ें… रामलला का सूर्य तिलक, 4 मिनट ललाट पर पड़ीं किरणें:पंचामृत से अभिषेक, स्वर्ण जड़ित पीतांबर पहनाया; अयोध्या में 10 लाख श्रद्धालु पहुंचे अयोध्या में रामनवमी पर शुक्रवार दोपहर 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में रामलला का सूर्य तिलक हुआ। 4 मिनट तक भगवान के ललाट पर नीली किरणें पड़ीं। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद रामलला का यह दूसरा सूर्य तिलक है। पीएम मोदी ने टीवी पर इसे लाइव देखा। सूर्य तिलक के साथ ही रामलला का जन्म हो गया। इस दौरान 14 पुजारी गर्भगृह में मौजूद रहे। उन्होंने विशेष पूजा और आरती की। सूर्य तिलक के बाद कुछ देर के लिए मंदिर के पट बंद कर दिए गए। रामलला को 56 तरह के व्यंजन का भोग लगाया गया। पढ़ें पूरी खबर

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