यूपी में मौसम तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग में आज यानी शनिवार को 40 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रयागराज में भी रात 8 बजे के बाद ठंडी हवाओं के साथ तेज बरसात हुई। जो कि देर रात तक जारी रही। वहीं शुक्रवार सुबह से लखनऊ, कानपुर, सीतापुर समेत 10 जिलों में रुक-रुक कर बारिश हुई। हरदोई में आकाशीय बिजली गिरने से किसान की मौत हो गई। आगरा और मेरठ समेत 10 जिलों में बादल छाए रहे। साथ ही 30 किमी की रफ्तार से हवाएं चलीं। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के असर से मौसम बदला है। अगले 4 दिनों तक मौसम ऐसे ही बिगड़ा रहेगा। कहीं-कहीं ओले गिर सकते हैं। आंधी चलने की भी संभावना है। वहीं, बीते 24 घंटे की बात करें तो प्रदेश के औसत तापमान में 5°C तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बांदा सबसे गर्म रहा, यहां अधिकतम तापमान 40.2°C रहा। सबसे कम तापमान मुजफ्फरनगर में 15.4°C रिकॉर्ड किया गया। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया- पाकिस्तान से आ रहीं हवाओं ने यूपी में प्रवेश किया। इससेबूंदाबांदी की शुरुआत हुई। 29 मार्च को दूसरा विक्षोभ सक्रिय होगा। इससे पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश होगी। 40-50 की रफ्तार से हवा चलेगी। 3°C तक पारा गिरेगा। मौसम की 5 तस्वीरें देखिए… अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम? यहां मेघगर्जन व वज्रपात की संभावना
अंबेडकर नगर, अमेठी, अयोध्या, आजमगढ़, बागपत, बलिया, बांदा, बस्ती, बिजनौर, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, फतेहपुर, गाजीपुर, गोरखपुर, हमीरपुर, जोनपुर, झांसी, कौशांबी, कुशीनगर, ललितपुर, महाराजगंज, महोबा, मऊ, मेरठ, मिर्जापुर, मुजफ्फरनगर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, सहारनपुर, संत कबीर नगर, भदोही, शामली, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र, सुल्तानपुर, वाराणसी, प्रयागराज। आंधी से गेहूं, अरहर की फसल को नुकसान, कैसे करें बचाव
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और तेज हवा का असर रबी, जायद और बागवानी फसलों पर पड़ेगा। इस समय अरहर, सरसों, चना, मटर, मूंग और मूंगफली में फलियां बन रही हैं। दाने भर रहे हैं। तेज हवा चलने से फलियां फट सकती हैं और दाने झड़ सकते हैं। गेहूं की फसल भी तेज हवा से गिर सकती है, जिससे पैदावार कम होने का खतरा है। सब्जियों में भिंडी, टमाटर, लौकी, खीरा, तरबूज, खरबूजा, बैंगन और मिर्च के फूल और छोटे फल गिर सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि जो फसल पक चुकी है, उसकी तुरंत कटाई कर लें और सुरक्षित जगह पर रखें। खेतों में पानी जमा न होने दें, इसके लिए जल निकास की सही व्यवस्था करें। सरकार बोली- फसल गिरी तो किसान बीमा क्लेम कर सकते हैं
पिछलों दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि और आगामी अलर्ट के बीच जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, उनके लिए राहत की खबर है। सरकार के मुताबिक, कटाई के 14 दिनों के भीतर अगर फसल खराब होती है तो किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम कर सकते हैं। जिला प्रशासन प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट देगा, जिसके आधार पर यूपी सरकार मुआवजा देने का फैसला कर सकती है।

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