कानपुर के चकेरी क्षेत्र में रामनवमी के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा में सामाजिक सौहार्द का नजारा देखने को मिला। सुजातगंज क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रामभक्तों पर फूल बरसाकर हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे का संदेश दिया। पहली शोभायात्रा न्योरा गांव से शुरू होकर बारादेवी मंदिर पर समाप्त हुई। यह शोभायात्रा लगभग 15 किलोमीटर लंबी थी, जिसमें महिला और पुरुष ज्वारा गांव के चौरा माता मंदिर से धूमधाम से शामिल हुए। श्रद्धालु हाथों में धर्म ध्वजा लिए और भगवा पगड़ी बांधे चल रहे थे। डीजे की धुन पर युवा और बच्चे नृत्य कर रहे थे, जबकि महिलाएं भी बड़ी संख्या में मौजूद थीं। जब शोभायात्रा सुजातगंज की मुस्लिम बस्ती क्षेत्र में पहुंची, तो मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उसका स्वागत किया। इस दौरान मुस्लिमों ने रामभक्तों पर फूलों की वर्षा की। आयोजकों द्वारा उन्हें ‘जय श्री राम’ लिखा फटका पहनाया गया, जिसे आपसी भाईचारे के संदेश के रूप में देखा गया। सद्दाम हुसैन ने बताया कि वह पिछले छह साल से शोभायात्रा का स्वागत करते आ रहे हैं, जिससे समाज में भाईचारे का संदेश जाता है। इस यात्रा में आशीष यादव, नैतिक रघुवंशी, राजेंद्र, महमूद, नफ़ीस अहमद और एजाज जैसे लोग उपस्थित थे। दूसरी शोभायात्रा सनिगवां के हनुमान मंदिर से शुरू हुई और क्षेत्र में 3 किलोमीटर तक चली, जो वापस हनुमान मंदिर पर आकर समाप्त हुई। इस शोभायात्रा में भूतों की टोली भी शामिल हुई। यात्रा के दौरान “जय श्रीराम” के नारे लगाए गए और लोग भक्ति में झूमते हुए इसमें शामिल हुए। जगह-जगह रामभक्त फूल बरसाकर शोभायात्रा का स्वागत करते नजर आए। इस यात्रा में विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। दोनों शोभायात्राओं में सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस चप्पे-चप्पे पर कैमरों से यात्रा की निगरानी कर रही थी। इसमें मुख्य रूप से विश्व हिंदू परिषद के प्रांत अध्यक्ष राजीव महाना, रजनीश सोनी, आदित्य कुमार और आनंद उपस्थित थे। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि धर्म कोई भी हो, हमें एकता और सौहार्द को बढ़ावा देना चाहिए। यही भारतीय होने की पहचान है।

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