बरेली के सेटेलाइट बस स्टैंड पर खुले नाले में गिरे युवक का शव करीब 30 घंटे बाद बरामद कर लिया गया। इस घटना ने नगर निगम के विकास और सुरक्षा व्यवस्था के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे हुआ था, जब युवक खुले नाले में गिर गया था। शव मिलने के बाद शहर में खुले नालों की स्थिति और सुरक्षा इंतजामों की हकीकत सामने आ गई है। दैनिक भास्कर टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों का जायजा लिया। इसी क्रम में सुभाषनगर के वार्ड नंबर 4 में स्थानीय लोगों से बातचीत की गई, जहां चिंताजनक तस्वीर सामने आई। निवासियों ने बताया कि उनके क्षेत्र में कई स्थानों पर नाले खुले पड़े हैं और उनमें गंदगी भरी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे न केवल बदबू और गंदगी फैलती है, बल्कि हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। छोटे बच्चे नालों के पास खेलते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। निवासियों के अनुसार, पहले भी कई लोग इन नालों में गिरकर घायल हो चुके हैं। शिकायतों के बावजूद नगर निगम ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए और न ही नियमित सफाई सुनिश्चित की। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि उनके क्षेत्र में भी सेटेलाइट बस स्टैंड जैसी घटना हो सकती है। उन्होंने नगर निगम से जल्द नालों को ढकने और किनारों पर रेलिंग लगाने की मांग की है, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके। लोगों ने बताया कि सफाई व्यवस्था बदहाल है। बारिश के दिनों में नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं, जिससे पानी घरों में घुस जाता है और लोगों को रातभर जागकर गुजारना पड़ता है। नाले के किनारे रहने वाले लोगों का कहना है कि आए दिन कोई न कोई व्यक्ति नाले में गिरकर चोटिल हो जाता है। हालिया घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

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