छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के छात्रों के लिए अब ‘भविष्य की तकनीक’ सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। विश्वविद्यालय के UIET विभाग में एक साथ तीन अत्याधुनिक लैब्स IDEA लैब, साइबर सिक्योरिटी लैब और ड्रोन लैब की शुरुआत के साथ ही कैंपस में एक बड़ी तकनीकी क्रांति का आगाज हुआ है। अब यहां के छात्र न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर की मशीनों पर हाथ आजमाएंगे, बल्कि रूस की तकनीक से लैस होकर आसमान में ड्रोन भी उड़ाएंगे। आईडिया लैब,अब कॉलेज में ही बनेगा खुद का ‘स्टार्टअप’ अक्सर छात्रों के मन में बेहतरीन आईडिया तो होते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण वे धरातल पर नहीं उतर पाते। करीब 1 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई ‘आईडिया लैब’ इसी अंतर को मिटाएगी। ‘सीखो और बनाओ’ की अवधारणा पर आधारित इस लैब में 3D प्रिंटर, रोबोटिक्स किट और एम्बेडेड सिस्टम जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। यहां छात्र अपनी सोच को असल प्रोडक्ट में बदल सकेंगे, जिससे विश्वविद्यालय में स्टार्टअप और उद्यमिता का एक नया कल्चर विकसित होगा। यह लैब छात्रों को केवल थ्योरी तक सीमित न रखकर उन्हें असल दुनिया के लिए ‘प्रॉब्लम सॉल्वर’ बनाएगी। साइबर सिक्योरिटी लैब: एथिकल हैकिंग और डिजिटल सुरक्षा की कमान आज के डिजिटल युग में जहाँ साइबर हमले एक बड़ी चुनौती हैं, वहीं CSJMU ने अपने छात्रों को ‘डिजिटल रक्षक’ बनाने की तैयारी कर ली है। नई साइबर सिक्योरिटी लैब में हाई-परफॉर्मेंस सर्वर और सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (SOC) स्थापित किए गए हैं। यहाँ छात्रों को वर्चुअल साइबर रेंज के जरिए असल अटैक और डिफेंस का सिमुलेशन कराया जाएगा। खास बात यह है कि यह लैब केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य में पुलिस, साइबर क्राइम यूनिट और बैंकिंग संस्थानों के लिए ट्रेनिंग और सुरक्षा ऑडिट का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगी। यहाँ छात्र एथिकल हैकिंग और डिजिटल फॉरेंसिक जैसी बारीकियां सीखेंगे। ड्रोन लैब रूस की तकनीक से सजेगा कानपुर का आसमान विश्वविद्यालय ने इस बार तकनीकी साझेदारी के लिए सरहदों के पार कदम बढ़ाया है। रूस की अग्रणी ड्रोन कंपनी ‘जियोस्कैन’ के साथ हुए समझौते के तहत कैंपस में अत्याधुनिक ड्रोन लैब स्थापित की गई है। इसके जरिए छात्रों को UAV डिजाइन, फ्लाइट ऑपरेशन और डेटा एनालिटिक्स में ग्लोबल स्तर का एक्सपोजर मिलेगा। रूस के विशेषज्ञ समय-समय पर कानपुर आकर छात्रों को वर्कशॉप और लाइव प्रोजेक्ट्स के जरिए ड्रोन मैपिंग और एयरोडायनामिक्स के गुर सिखाएंगे। यह साझेदारी छात्रों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों के हिसाब से तैयार करेगी। भविष्य की तैयारी,कैंपस से सीधे ग्लोबल मार्केट तक इन तीनों लैब्स का मुख्य उद्देश्य छात्रों को ‘इंडस्ट्री-रेडी’ बनाना है। उद्घाटन के दौरान कैंपस में अंतरराष्ट्रीय माहौल नजर आया, जब रूस से आए तकनीकी विशेषज्ञ व्लादिमीर एवोनोफ और एलेक्सी ट्रुस्कोव के साथ सृजन पाल सिंह और देबजीत चक्रवर्ती जैसे दिग्गजों ने छात्रों का उत्साहवर्धन किया। विश्वविद्यालय प्रशासन की योजना है कि आने वाले समय में इंडस्ट्री के साथ मिलकर छात्रों को सीधे लाइव प्रोजेक्ट्स और बड़ी इंटर्नशिप से जोड़ा जाए। इन सुविधाओं के बाद अब कानपुर के छात्र ग्लोबल स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं।

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