झांसी में जिला प्रशासन लगातार यह साफ कर रहा है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। अफवाहों और अनिश्चितता के माहौल में लोगों का भरोसा डगमगाया हुआ है। शुक्रवार को शहर के पेट्रोल पंपों पर ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां लोग जरूरत से कई गुना ज्यादा ईंधन खरीदते नजर आए। चार घंटे में खाली हुआ पूरा टैंकर
गल्लामंडी रोड स्थित आरके फ्यूलिंग स्टेशन पर हालात सबसे ज्यादा बिगड़े। यहां गुरुवार को मंगवाया गया 12 हजार लीटर पेट्रोल का टैंकर शुक्रवार सुबह बिक्री के लिए लगाया गया, लेकिन महज चार घंटे में ही पूरा स्टॉक खत्म हो गया। दोपहर 12 बजे तक पंप की सभी मशीनें बंद करनी पड़ीं।
पंप संचालक के मुताबिक, “कल शाम से ही लोग आपाधापी में तेल भरवा रहे हैं, जिससे स्टॉक उम्मीद से पहले खत्म हो गया।” एक की जगह 10 लीटर तेल खरीद रहे
शहर के लगभग सभी पेट्रोल पंपों पर यही स्थिति रही। लोग गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के साथ-साथ बड़े-बड़े कंटेनरों में भी पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं।
स्थिति यह हो गई कि जिन्हें अपने नजदीकी पंप पर तेल नहीं मिला, वे 5-5 किलोमीटर दूर दूसरे पंपों पर पहुंचे, लेकिन वहां भी लंबी लाइन और खाली टैंक ही मिले। “हर जगह किल्लत दिख रही है”
जब ग्राहकों से प्रशासन के दावे पर सवाल किया गया तो उनका कहना था,
“जहां भी जा रहे हैं, वहां तेल की किल्लत दिख रही है। अगर सप्लाई सामान्य है तो नियम क्यों बदले जा रहे हैं?” रोजाना की खपत से कई गुना ज्यादा खरीद
झांसी जिले में करीब 150 पेट्रोल पंप हैं, जहां भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल द्वारा रोजाना 275 टैंकरों से सप्लाई की जाती है।
डीजल की दैनिक खपत करीब 2 लाख लीटर है, जबकि पेट्रोल की दैनिक बिक्री करीब 5 लाख लीटर है।
लेकिन मौजूदा हालात में लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदकर स्टॉक कर रहे हैं, जिससे कृत्रिम संकट पैदा हो रहा है। डीलर्स बोले-परेशान न हों
पेट्रोल-डीजल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव बब्बर ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि,
“जिले में किसी तरह की पैनिक की स्थिति नहीं है। सप्लाई पूरी तरह सामान्य है, लोग अफवाहों पर ध्यान न दें।” पूर्ति विभाग की जमीन पर नहीं दिख रहा पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के लिए परेशान हो रहे ग्राहकों की नाराजगी जिला पूर्ति विभाग से भी दिखाई दे रही है। ग्राहकों का कहना है कि गैस एजेंसी वाले अपनी मनमानी कर रहे और अब पेट्रोल पंपों पर भी समस्या दिखने लगी है। पेट्रोल भरवाने आए ग्राहक अनिल साहू और शंकर कुमार ने आरोप लगया कि जिला पूर्ति विभाग यहां बन रही स्थिति पर बिकुल भी ध्यान नहीं दे रहा है। जब लोगों के आरोपों को लेकर दैनिक भास्कर ने डीएसओ सौम्या अग्रवाल से बात की तो उन्होंने कहा कि मेरे पास कोई ऐसा पैरामीटर नहीं है, जिससे ये पता चल सके कि डीजल ले जा रहा व्यक्ति जमाखोर है या किसान ।

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