घाटमपुर में नवरात्रि के अंतिम दिन रामनवमीं को घर घर कन्याओं की पूजाकर उनकी आरती उतारी गई। जिसके बाद भक्तों ने पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लिया। इस दिन घर-घर खीर पूड़ी बनती है। जिससे कन्याओं को खिलाया जाता है। इस दौरान शक्ति पीठो में भी कन्या भोज होता है। घाटमपुर तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवो में नवरात्रि का अंतिम दिन धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है हर तरफ देवी गीतों की गूंज सुनाई दे रही है। जिससे माहौल भक्तिमय हो गया है। यहां घर-घर खीर पूड़ी का प्रसाद बनाकर कन्याओं को उन्हें खिलाया जाता है। जिसके बाद भक्त कन्याओं के पैर छूकर आशीर्वाद लेते है। वहीं, क्षेत्र के शक्ति पीठो में भी कन्या भोज का आयोजन होता है। गांव निवासी लक्ष्मण सिंह, अरुण कुमार, विनोद तिवारी, राकेश आदि लोग कहते है, कि हम प्रतिवर्ष नवरात्रि के अंतिम दिन यानी रामनवमीं को कन्याओं को घर बुलाकर उनके पैर धुलकर उन्हें बैठाकर भोजन करवाते है। जिसके बाद उनकी आरती उतारकर पूजा की जाती है। बताया कि पैर छूकर कन्याओं का आशीर्वाद लेते है। आज के कन्याओं को अपने घर बुलाने की भक्तों में होड़ रहती है। सुबह से ही भक्त कन्याओं को उनके घर बुलाने पहुंच रहे है। ऐसे में कन्याओं की भी घर घर पूजा हो रही है। भक्त कन्याओं को माँ का बाल रूप मानकर उनकी पूजा अर्चना करते है। इसी तरह क्षेत्र के भीतरगांव, बिधनू, पतारा, सजेती, क्षेत्र में भी भक्त घर घर कन्याओं को खिला रहे है।

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