इटावा जिला पंचायत अध्यक्ष की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में आयोजित बैठक में सड़कों की खराब स्थिति, जलभराव, बिजली समस्याएं, रोजगार मेलों की निगरानी, पेयजल योजनाओं की धीमी प्रगति और कानून-व्यवस्था जैसे कई अहम मुद्दे उठाए गए। सदस्यों ने अधिकारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। बैठक में ऊसराहार से गंगापुर रोड पर गड्ढों की समस्या को गंभीरता से उठाया गया और जल्द मरम्मत कराने की मांग की गई। वहीं ताखा कस्बे से ऊसराहार होते हुए किशनी मार्ग पर नाली न होने के कारण जलभराव की समस्या पर भी चिंता जताई गई। संबंधित विभाग को नाली निर्माण कराने के निर्देश दिए गए। बिजली और रोजगार सेवाओं पर सवाल सदस्यों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों के बिल निस्तारण में ही 3 से 4 महीने लग जाते हैं, तो आम जनता को कितनी परेशानी होती होगी। सेवायोजन विभाग की समीक्षा में रोजगार मेलों के बाद अभ्यर्थियों की निगरानी न होने पर नाराजगी जताई गई और प्रभावी मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने को कहा गया। समाज कल्याण और जनहित योजनाओं पर जोर कोविड काल में अनाथ हुए बच्चों को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया को सरल बनाने की बात कही गई। भर्थना क्षेत्र के एक परिवार का उदाहरण देते हुए जरूरतमंद बच्चों तक योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंचाने के निर्देश दिए गए। साथ ही सुझाव दिया गया कि भविष्य की बैठकों में पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की जाए। पेयजल, सड़कों और पर्यावरण से जुड़ी समस्याएं जल निगम की योजनाओं के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत न होने और कई स्थानों पर जलापूर्ति शुरू न होने की समस्या उठाई गई। भोगनी क्षेत्र में अत्यधिक मिट्टी उठान से पेड़ों की जड़ें बाहर आने और भट्टा मानपुर में ईंट भट्टों से उड़ती धूल के कारण सड़कों की हालत खराब होने पर चिंता जताई गई।

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