नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने आज अस्तौली में बने वेस्ट टू टॉरिफाइड चारकोल प्लांट का निरीक्षण किया। इस प्लांट की क्षमता 900 टन प्रतिदिन (TPD) है। जिसमें से 600 TPD अपशिष्ट नोएडा और 300 TPD ग्रेटर नोएडा से मिले कूड़े को निस्तारित करके चारकोल में तब्दील किया जाएगा। अधिकारियों ने इस प्लांट का निरीक्षण किया।
प्राधिकरण जीएम एसपी सिंह ने बताया कि वर्तमान में प्लांट का ट्रायल रन किया जा रहा है, जिसमें ठोस अपशिष्ट को प्रोसेस कर टॉरिफाइड चारकोल में बदला जा रहा है। ये बनाए जाने वाले चारकोल का उपयोग एनटीपीसी में हरित ईंधन (Green Fuel) के रूप में किया जाएगा, जिससे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता में कमी आएगी। साथ ही पर्यावरण को प्रदूषण से मुक्त रखा जा सकेगा।
यह परियोजना आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण भी है। क्योंकि इससे वैज्ञानिक अपशिष्ट निपटान, लैंडफिल में कमी, संसाधनों के पुनः उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। इस प्रकार की उन्नत तकनीक आधारित पहल से शहर की रैंकिंग में सुधार होने के साथ-साथ समग्र ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को भी सुदृढ़ किया जा सकेगा।

Leave a Reply